ऐसे आई देश की याद, कनाडा की नौकरी छोड़ मेरठ खेती करने आया नौजवान, कमा रहे लाखो

यूं तो आपने ऐसी कई कहानियां पढ़ी होगी जिसमें खेती को छोड़ कर लोग नौकरी करने की सोचते हैं। लेकिन आज हम जो स्टोरी बता रहे हैं वह मेरठ के रहने वाले नरेश सिरोही हैं। इन्होंने नौकरी छोड़कर खेती करना शुरू किया। आमतौर पर पश्चिमी यूपी को गन्ने की मिठास के लिए जाना जाता है। नरेश सिरोही ने नौकरी छोड़कर गन्ने को अपनी कामयाबी की बुनियाद बनाया और फिर देखते ही देखते हुए उत्पादक से व्यवसाय बन गए।

उत्तर प्रदेश गन्ने की उपज के लिए प्रसिद्ध राज्य उत्तर प्रदेश के पश्चिमी यूपी गन्ने की मिठास के लिए जाना जाता है। यहां आप जिधर भी नजर घुमाएंगे आपको गन्ना ही गन्ना नजर आएगा। मेरठ के सरधना निवासी नरेश सिरोही ने इसी गन्ने से अपनी सफलता की नई कहानी लिख दी इन्होंने गन्ने के रस से 25 तरह के सिरके तैयार कर दिए।

नरेश सिरोही ने गन्ने के रस से गन्ने के रस का सिरका, सेब सिरका, अनानास सिरका, पाइन एप्पल सिरका, जामुन सिरका, एलोवेरा सिरका, आमला सिरका, तुलसी वाला सिरका, पुदीना और सौंफ फ्लेवर का भी सिरका तैयार कर दिया। इन्होंने गन्ने को ही अपनी कामयाबी की बुनियाद बनाया और फिर देखते ही देखते वह उत्पादक से व्यवसायी बन गए। नरेश सिरोही का कहना है आज वह जो कुछ भी है प्रधानमंत्री मोदी जी की वजह से हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जी के आत्मनिर्भर वाली बात मेरे मन में बैठ गई वह प्रधानमंत्री को अपना रोल मॉडल मानते हैं।

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गन्ने के रस से 25 प्रकार के सिरका तैयार कर नरेश सिरोही ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है नरेश कनाडा की एक फर्म में नौकरी कर चुके हैं वह कृषि विषय से स्नातक पास हैं। विदेश में नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपने घर पर हैं कृषि से संबंधित कार्य करने की ठान ली। इसी लगन और मेहनत का नतीजा है कि आज नरेश सिरोही के पास दूसरे किसान उनसे टिप्स लेने आते हैं।

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नरेश सिरोही के द्वारा तैयार किए गए सिरके पर विश्वविद्यालय के छात्र शोध भी कर रहे हैं नरेश सिरोही के पास हर समय 200 क्विंटल सिरका तैयार रहता है। कनाडा में फार्म की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने सिर्फ 4 सालों में सिरके को बेचकर 7 लाख की सालाना आमदनी कर रहे हैं।