ये है दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारत, इसकी सुरक्षा है व्हाइट हाउस से भी ज्यादा

विश्व भर में अमेरिका की पहचान हाई सिक्योरिटी के लिए जाना जाता है। अमेरिका में हुआ व्हाइट हाउस सबसे सुरक्षित मानी जाती है। हाल ही में आपने देखा होगा कि जब जो बिडेन ने यहां राष्ट्रपति की शपथ ली थी तो यहां करीब 25,000 अमेरिकी सैनिक तैनात थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारत इस श्रेणी से बिल्कुल अलग है। यह इमारत किसी नेता, मंत्री या सेना प्रमुख का आवास नहीं है यह एक ऐसी इमारत है जिसमें परिंदा भी सेंध नहीं लगा सकता।

आखिर इस इमारत में ऐसी क्या खास बात है कि इन्हें दुनिया का सबसे सुरक्षित इमारत कहा जाता है। जिसके लिए 30,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इस इमारत में कई ऐसी चीजें हैं जो अमेरिका के लिए सबसे जरूरी है यही कारण है कि इस इमारत की सुरक्षा हुआ एट हाउस से भी तगड़ी है।

गोल्ड भंडार से लेकर संविधान कि असली कॉपी है यहां

तो आइए इस राज से हम पर्दा उठाते हैं कि आखिर इस इमारत में क्या खासियत है। इस इमारत को यूनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी देखता है। इस इमारत में लगभग 42 लाख किलो सोना रखा हुआ है। इसके अलावा यहां पर गुटेनबर्ग की बाइबिल, अमेरिकी संविधान की असली कॉपी और अमेरिकी स्वतंत्रता का असली घोषणा पत्र जैसी बेहद महत्वपूर्ण चीजें भी सुरक्षित रखी हुई है।

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कब बनी इमारत

इस इमारत को साल 1963 में तैयार किया गया ताकि सोने का भंडार सुरक्षित रखा जा सके। इस इमारत की सुरक्षा में विमान हेलीकॉप्टर से लेकर सीसीटीवी लगे हुए हैं। इसके चारों तरफ मोटे ग्रेनाइट की दीवारें बनी हुई है। जिस पर करंट दौड़ता रहता है इस इमारत की सुरक्षा के लिए व्हाइट हाउस से भी ज्यादा सैनिक तैनात रहती है। यहां पर करीब 30,000 अमेरिकी सैनिक इस इमारत की सुरक्षा के लिए हमेशा तैनात रहते हैं। इनमें कुछ ऐसे टुकड़िया भी हैं जो अमेरिका के सबसे मजबूत टुकड़ी मानी जाती है

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तकनीकों का इस्तेमाल

इस इमारत को बनाने में दुनिया की अधिक आधुनिकतम तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। लेकिन इस पर कोई बात नहीं करता कि इस इमारत को बनाने में कौन सी तकनीक हैं। फोर्ट नॉक्स के बेसमेंट पर शूटिंग रेंज है जहां 24 घंटे सैनिक तैनात होते हैं। इस इमारत के भीतर किस तरीके से सोना रखा गया है यह शायद वहां के सुरक्षा गार्ड को भी नहीं पता। कहा जाता है कि इस इमारत में भूकंप से लेकर इंसानी आपदाओं से भी सुरक्षित रखने के सारे इंतजाम है।

लॉकरो का दरवाजा 20 टन से भी मोटा


बिजनेस इंसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह लॉकर काफी मजबूत है। इनका दरवाजा 20 टन से भी ज्यादा मोटा है जो किसी के लिए भी तोड़ना लगभग नामुमकिन है। इस लॉकर में एक खास बात है कि लॉकर के पासवर्ड के कॉन्बिनेशन दो अलग-अलग लोगों के पास है जिनके बारे में खुद उन्हें भी नहीं पता। हमने आपको पहले ही बताया कि इस इमारत में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया लेकिन इस पर बात होती है लेकिन यह नहीं बताया जाता कि कौन से आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

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जमीन में है विस्फोटक

इस इमारत के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरा लगे हैं और इसके बाउंड्री पर करंट दौड़ते रहते हैं इसके अलावा रडार भी हैं जो पूरे कैंपस में सक्रिय रहता है। किसी भी बाहरी शख्स या ड्रोन केंटुकी में इस इलाके के पास आते ही सारा अमला एक्टिव हो जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के माने तो इस इमारत के जमीन के नीचे विस्फोटक पदार्थ रख रखा हुआ है जो शरीर के तापमान से संचालित होते हैं। इस इमारत में अगर कोई घुसपैठ की कोशिश करें तो बिना चेतावनी के उसका काम खत्म हो जाएगा

किसी ने नहीं की तोड़ने की कोशिश

इस लॉकर की सुरक्षा में Minto पुलिस अधिकारी लगे हैं जो कि अमेरिकी सरकार के सबसे विश्वस्त लोग होते हैं। इसके बाद उन्हें सुरक्षा की शपथ भी दिलाई जाती है। अब तक तो आपने पूरा पढ़कर समझ ही लिया होगा कि इस इमारत की सुरक्षा कैसे की जाती है तो जाहिर सी बात है आज तक इस इमारत में कोई सेंध लगाने कि भी नहीं सोच सकता तो ऐसा ही हुआ। केवल एक फिल्म में ही इस इमारत की सुरक्षा तोड़ने की कोशिश दिखाई गई

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