Wednesday, February 1, 2023
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करीब 2 हजार दिनों से हॉस्पिटल ने रखा है भर्ती हैं, बनाया है 6 करोड़ का बिल; जानें क्या है मामला

मान लीजिए कि आप अस्पताल जाते हैं और आपको वहां 10 दिन रहना पड़ जाए तो सोचिए आपको कैसा लगेगा कि 10 दिन अब बड़ी मुश्किल से गुजारने पड़ेंगे। लेकिन एक ऐसी महिला है जो पिछले 1921 दिनों से अस्पताल में ही भर्ती है। दरअसल हम बात कर रहे हैं हमेशा खुश रहने वाली 33 साल की पूनम के बारे में। वह कभी एक्सेंचर कंपनी के साथ बिजनेस रिर्पोटिंग एनालिस्ट के तौर पर काम करती थी आज वह बड़ी मुश्किल से हिल-डुल और बोल पाती है।

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आपको बता दें कि पूनम करीब 5 साल पहले अस्पताल में पेट दर्द की जांच कराने पहुंची थी लेकिन उन्हें आज तक अस्पताल से छुट्टी नहीं मिल पाई है। यह शायद भारत की सबसे लंबी अस्पताल की कहानियों में से एक है। इलाज कराते-कराते उनका बिल अब तक 6 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। पूनम के परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है उन्होंने कहा कि पूनम का इलाज ठीक से नहीं हो पा रहा हैं।

आखिर ऐसा क्या हुआ कि पूनम अब तक घर नहीं लौट सकीं?

करीब 5 साल पहले डॉक्टरों ने कथित रूप से परिवार को कहा कि पूनम को घर ले जा सकते हैं। हालांकि परिवार को उम्मीद थी कि अगर अस्पताल वाले ने पूनम का इलाज सही से किया तो वह घर लौट सकती है। परिवार वाले ने कहा कि हमने पुलिस और सरकार के सामने शिकायत दर्ज करवाई है लेकिन इसके बावजूद अभी तक हमें कोई मदद नहीं मिली।

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पूनम के पति IMB और Microsoft की जॉब छोड़ चुके हैं उनके पति राजेश नायर ने कहा कि उनकी देखभाल में उनके परिवार ने किसी तरह इलाज के 13,4 करोड़ चुका दिए हैं। उन्होंने पिछले 5 सालों के दर्द को याद करते हुए कहा कि पूनम पूरी तरह स्वस्थ लड़की थी जो हॉस्पिटल में मात्र पेट दर्द की शिकायत लेकर गई थी। लेकिन उन्होंने बताया कि सर्जरी के दौरान हुई गलतियों की वजह से कोमा में चली गई और उसी वजह से आज तक बिस्तर पर है।

सोनम के पति नायर ने बताया कि अस्पताल की तरफ से कागज तैयार किए गए इन कागजों में लिखा था कि पूनम स्वस्थ है। लेकिन जैसे ही हॉस्पिटल को अंदाजा हुआ कि उन्होंने सर्जरी के दौरान कुछ गलत किया तो मेडिकल समरी में छेड़छाड़ कर दी। उनके पति ने आरोप लगाया कि कागजों में अस्पताल वालों ने छेड़छाड़ कर बताया जब पूनम अस्पताल आई थी तभी उसकी हालत गंभीर थी। अक्टूबर 2015 में अस्पताल लगातार कह रहा था कि पूनम तीन हफ्तों से ज्यादा नहीं बच पाएगी लेकिन पूनम की जीने की जिद के चलते अस्पताल कई बार गलत साबित हुआ। उनके पति नायर ने कहा कि पूनम शुरुआती कोमा से बाहर आ गई थी।

एक मीडिया रिपोर्ट से बातचीत के दौरान उनके पति नायर ने आरोप लगाया कि पूनम की स्थिति को बेहतर करने के लिए अस्पताल वाले ने कोई प्रयास ही नहीं किया। उन्होंने कुछ जाने-माने डाक्टरों से भी बात की उन्होंने गोपनीयता के तर्ज पर इस मामले में हैरानी जाहिर की उन्होंने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस बताया है।

एक डॉक्टर ने बताया कि कोई भी 20 से 40 के बीच की उम्र का युवा जो पेट की दर्द से जूझ रहा हो और परिणाम स्वरूप आंत से रिसाव का सामना करें वह ज्यादा से ज्यादा 3 महीनों में ठीक हो जाता है। लेकिन यहां तो 5 साल लगा फिर भी ठीक नहीं हो पाया, हम 28 साल की युवा महिला के बारे में बात कर रहे हैं।

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