पत्नी से फोन पर जवान ने कहा – यहां सब ठीक है, मैं जल्दी ही तुम से मिलने आऊंगा, पर हुआ ऐसा कि…

पाक सेना द्वारा एलओसी पर गोलीबारी किए जाने से एक भारतीय जवान शहीद हो गया. गोलीबारी में हवलदार निर्मल सिंह शहीद हो गया. शहीद हवलदार निर्मल सिंह हरियाणा के रहने वाले थे.

सेना की ओर से जारी किया गया आधिकारिक बयान के अनुसार क्रॉस फायरिंग के दौरान सीनियर हवलदार निर्मल सिंह को गोली लगी थी. जिसके बाद उन्हें यूनिट बेस में लाया गया हेलीकॉप्टर की मदद से डॉक्टर को भी बुलाया गया लेकिन निर्मल सिंह की जान नहीं बच पाई.

शहीद हवलदार निर्मल सिंह हरियाणा के अंबाला शहर के Jansui गांव के रहने वाले थे. आपको बता दें कि इनकी शादी हो चुकी है और इनकी 6 साल की बेटी और 3 साल का बेटा भी है. इसके अलावा इनका एक भाई है जो कि दिव्यांग है. उनके शहीद होने की सूचना जैसे ही गांव और परिवार वालों को मिली वैसे ही पूरे परिवार और गांव वालों को झकझोर दिया है. परिवार सहित पूरा गांव शोक में डूबा है. इनके परिवार वाले उनके पार्थिक सब का इंतजार कर रहे हैं.

कैप्टन बजे सिंह ने इनके बारे में बताया कि इनका इस समय इनका परिवार संकट की स्थिति से गुजर रहा है. इनकी माता बीमार रहती थी निर्मल सिंह के पिता इन्हें 5 वर्ष की उम्र में छोड़ गए थे. इसके बाद इनका पालन-पोषण इनके दादा भगवान सिंह ने किया लेकिन कुछ साल पहले इनके दादा का भी निधन हो गया भाई दिव्यांग है परिवार की कुल जिम्मेदारी निर्मल सिंह पर ही थी.

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जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिला के कृष्णा सैक्टर में भारत-पाक सीमा पर पाकिस्तान ने सीज फायर कर उल्लंघन किया था. जिसके चलते हवलदार निर्मल सिंह को गोली लगने से वह घायल हो गए थे और बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.

कैप्टन Bajir Singh के अनुसार शहीद होने से 3 घंटे पहले ही सरदार निर्मल सिंह ने अपने पत्नी से फोन पर बात की थी. उन्होंने कहा कि इस दौरान अपनी पत्नी को कहा था कि हां सब ठीक है. निर्मल सिंह करीब 3 महीने पहले ही अपनी छुट्टियां काट कर ड्यूटी पर आए थे और जल्द ही उन्हें एक माह की छुट्टी पर जाना था.

आपको बता दें कि इनका पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर के जरिए 11:00 बजे अंबाला पहुंचेगा. शहीद निर्मल सिंह का पार्थिव शरीर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके घर से श्मशान घाट तक ले जाया जाएगा.

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