Wednesday, February 1, 2023
spot_img

पति की सैलरी कितनी, पत्नी को जानने का है हक, जाने इस कानून के बारे मे

आप की सैलरी कितनी है आप हर महीने कितना पैसा कमाते हैं यह जानना आपकी पत्नी का अधिकार है आपकी पत्नी चाहे तो यह जानकारी RTI के जरिए भी प्राप्त कर सकती हैं.मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 2018 के आदेश के अनुसार विवाहित महिला को पत्नी के तौर पर पति की सैलरी जानने का पूरा हक है. विशेषकर गुजारा भत्ता पाने के उद्देश्य के लिए वह ऐसी जानकारी ले सकती हैं अगर आपकी पत्नी चाहे तो यह जानकारी आरटीआई के माध्यम से भी जुटा सकती है.

whatsapp

Financial प्लानर से भी ले सकती है मदद

शादीशुदा महिला होने को अपने बच्चों के लिए खाने, रहने, कपड़े और कई अन्य बुनियादी चीजों का कानूनी अधिकार है. ऐसे में पत्नी को पति के सामने गिड़गिड़ाने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह अधिकार उन्हें कानून से मिला हुआ है. पति-पत्नी इस बारे में आपस में बातचीत कर सकती है. लेकिन ऐसे में अगर पति नहीं समझता है और कुछ अनहोनी हो जाने पर इसकी जानकारी की जरूरत पड़ती है. पत्नी मेडिएटर या फाइनेंशियल प्लानर की मदद उस समय ले सकती है जब पति ऐसा करने के लिए इच्छुक नहीं है.

RTI के जरिए जुटा सकती है जानकारी

केंद्रीय सूचना आयोग ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए यह बात कही. सूचना आयोग ने जानकारी ना दिए जाने के आदेश को खारिज कर दिया इसके साथ ही जोधपुर के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को 15 दिनों के भीतर पति की सैलरी डीटेल्स के बारे में महिला को जानकारी देने को कहा गया. केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि पति की ग्रॉस इनकम और टैक्सेबल इनकम के बारे में जानकारी रखने का पत्नी को पूरा अधिकार है.

जोधपुर की महिला रहमत बानो की अपील पर सुनवाई करते हुए सूचना आयोग ने यह आदेश दिया. इससे पहले भी सूचना आयोग की तरफ से यह कहा जा चुका है कि पत्नियों को सरकारी कर्मचारियों को कितनी सैलरी मिलती है यह जानने का उनका अधिकार है. यही नहीं पत्नियों को यह भी जानने का अधिकार है कि पति को सैलरी के किस मद में कितनी रकम मिलती है और इस जानकारी को आरटीआई एक्ट के तहत सार्वजनिक भी किया जा सकता है.

whatsapp-group

पिता की प्रॉपर्टी पर भी होती है महिला का अधिकार

शीर्ष अदालत ने पिता की संपत्ति में बेटी को बराबरी का अधिकार दिया है कोर्ट का कहना है कि लड़की का शादीशुदा होना या नहीं होना यह मायने नहीं रखता है. वह प्रॉपर्टी में बराबर का हिस्सा ले सकती है. अदालत ने स्पष्ट किया कि संशोधित हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत बेटों के तरह बेटियों को भी समान हिस्सा मिलेगा.

Stay Connected

267,512FansLike
1,200FollowersFollow
1,000FollowersFollow
https://news.google.com/publications/CAAqBwgKMIuXogswzqG6Aw?hl=hi&gl=IN&ceid=IN%3Ahi

Latest Articles