इमरान हाशमी और सनी लियोनी का बेटा बिहार यूनिवर्सिटी मे दे रहा है एक्जाम !

सनी लियोनी और इमरान हाशमी यह नाम किसने नहीं सुना होगा, बूढ़े से लेकर जवान सभी लड़के-लड़कियां की पहली पसंद बन चुके है सनी लियोनी और इमरान हाशमी. मुजफ्फरपुर में पढ़ रहा इमरान हाशमी (Emraan Hashmi ) और सनी लियोनी (Sunny Leone) का बेटा! सुनकर, चौंक गए या यह सोच रहे क‍ि दोनों की शादी कब हुई? यद‍ि शादी नहीं हुई तो फ‍िर बेटा कहां से आया? और वह भी मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में पढ़ रह ! तो जनाब, ऐसा कुछ भी नहीं है। 

Examination Form में सनी लियोनी मां तो इमरान हाशमी पिता

दरअसल, मीनापुर के धनराज डिग्री कॉलेज के एक छात्र (Kundan Kumar) का परीक्षा फॉर्म सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस फॉर्म में पिता की जगह इमरान हाशमी और मां की जगह सनी लियोनी का नाम लिखा है। वहीं, पते में चतुर्भुज लिखा है, जो शहर का रेड लाइट इलाका है। बता दें कि इस परीक्षा फॉर्म में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी दर्ज है।

माता पिता के नाम पर उलझा मामला

जब माता-पिता के नाम की तलाश होती है तो मामला उलझ जाता है, फॉर्म में कुंदन की मां के तौर पर सनी लियोनी का नाम दर्ज है तो वहीं पिता के तौर पर फिल्म स्टार इमरान हाशमी का. सोशल मीडिया पर इस फॉर्म का वीडियो वायरल होने के बाद लोग हैरत में है कि इमरान हाशमी और सनी लियोन की आखिर शादी कब हुई और कब उनका इतना बड़ा बेटा हो गया.

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एग्जामिनेशन फॉर्म बना चर्चा का विषय

कुंदन द्वारा भरा गया एग्जामिनेशन फॉर्म न सिर्फ चर्चा का विषय है, बल्कि बिहार विश्वविद्यालय के तमाम पदाधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का कारण भी बन गया है. वहीं, इस बात को सुनने वाले लोग बिहार विश्वविद्यालय पहुंचकर इसकी तस्दीक करने में भी जुट गए हैं. हो सकता है यह फॉर्म किसी शरारती तत्व का काम हो किसी ने जानबूझकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है.

तथ्य सही हुए तो फॉर्म नहीं होंगे रद्द

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक निजी टीवी चैनल के पत्रकार ने जब बिहार विश्वविद्यालय जाकर इसकी पड़ताल की तो सीधे-सीधे विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ आरके ठाकुर से बात हुई. उन्होंने बताया कि यह फार्म एक छात्र ने ऑनलाइन भरा है और यह पूरा मामला जांच का विषय है. रजिस्ट्रार डॉ. आरके ठाकुर ने कहा कि भरे गए फॉर्म को कॉलेज में दस्तावेजों में दर्ज तथ्यों से मिलान कराया जाएगा यदि दोनों की जानकारियां एक जैसी होती है तो यह फॉर्म स्वीकार किया जाएगा.

तथ्यों में कुछ त्रुटि हुई तो फॉर्म हो जाएगा रद्द

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ आरके ठाकुर ने आगे कहा कि अगर तथ्यों में अंतर पाए जाते हैं तो कुंदन के एग्जामिनेशन फॉर्म को रद्द कर दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में विश्वविद्यालय के लीगल एडवाइजर से सलाह लिया जा रहा है इस मामले में कानूनी पहल क्या हो सकता है? फिलहाल सोशल मीडिया के जमाने में यह एग्जामिनेशन फॉर्म पूरे भारत में चर्चा और कौतूहल का विषय बना है.

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