देश सेवा के लिए छोड़ी अमेरिका मे नौकरी, ढिबरी की रोशनी में किए गरीबों का इलाज: अब मिला पद्मश्री

Written by: Satish Rana | biharivoice.com • 26 जनवरी 2021, 6:06 अपराह्न

26 जनवरी यानी कि गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्म सम्मान पाने वाले विभूतियों के नामों की घोषणा पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा की गई। इनमें भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड के डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह को समाज एवं चिकित्सा सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पद्मश्री से नवाजा जाएगा। आपको बता दें कि डॉ दिलीप कुमार सिंह 92 वर्ष के हो चुके हैं।

उन्होंने डॉक्टरी पास करने के बाद पिछले 68 सालों से कई गरीबों और लाचार लोगों को मुफ्त और मामूली पैसा लेकर इलाज किया। डॉ दिलीप कुमार सिंह को आईएमए भागलपुर का गॉडफादर भी कहा जाता है। इन्होंने निस्सहाय और गरीबों को जीवनदान देने के लिए चिकित्सा पेशा को अपनाया था। आपको बता दें कि डॉ दिलीप सिंह को पद भूषण मिलने की जानकारी मिलते ही सिल्क सिटी यानी भागलपुर में लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

इनका जन्म 26 जून 1926 को बांका जिले में हुआ था इनकी उम्र करीब 92 साल हो चुका है। उन्होंने 1952 में पटना मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। उसके बाद डीटी MH इंग्लैंड से किया। पढ़ाई पूरा करने के वह अमेरिका भी गए लेकिन वहां नौकरी में उनका मन नहीं लगा। इसके बाद देश की सेवा करने के जज्बे ने उन्हें वहां से लौटने के लिए मजबूर कर दिया। डॉ दिलीप सिंह एक फिजीशियन डॉक्टर थे।

देश की सेवा करने की ज़ज्बा को लेकर डॉ दिलीप सिंह अमेरिका से लौटे इसके बाद उन्होंने गांव के गरीब लोगों का इलाज करना शुरू किया। लेकिन जिस दौर में उन्होंने इलाज शुरू किया था उस समय छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई चरम पर थी। उस समय ना किया करते थे।

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