गरिमा UPSC के दोनों प्रयासों में सफल हो किया अपने नाम को सार्थक, पहले बनी IPS, फिर IAS

UPSC परीक्षा पास करने वाले कैंडिडेट्स में हर तरह के छात्र और छात्राएं होते हैं। इस क्षेत्र में किसी स्टूडेंट का बैकग्राउंड उसकी सफलता तय नहीं करता। आज हम ऐसे छात्रा के बारे में बात करेंगे जिसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है। गरिमा के बारे में जितना कहा जाए कम है। गरिमा UPSC के 2 प्रयासों में से दोनों में सफल हुई। गरिमा हमेशा से एक बेहतरीन स्टूडेंट रही और स्कूल लाइफ से लेकर यूपीएससी टॉपर बनने तक उन्होंने जिस क्षेत्र में कदम रखा वह सफलता पाई। IIT से ग्रेजुएशन कर चुकी है गरिमा।

प्रीमेंस और इंटरव्यू की तैयारी करें एक साथ


गरिमा बताती है कि सबसे पहले यह बात दिमाग में साफ कर ले कि प्रीमेंस और इंटरव्यू की तैयारी अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ करें। जब किसी विषय को उठाएं तो देखें कि इससे प्री में अगर ऐसा प्रश्न आता है तो मेन्स में कैसा आएगा। यानी जब एक विषय तैयार करके हटें तो वह प्री और मेन्स दोनों के लिहाज से तैयार होना चाहिए। प्री में सफलता के लिए मॉक टेस्ट्स का भी बहुत महत्व है। गरिमा का मानना है कि इससे एक तो अभ्यास हो जाता है दूसरा समय के अंदर पेपर हल करने की कोशिश से स्पीड भी बढ़ जाती है। गरिमा का मानना है कि तैयारी के दौरान टाइम टेबल का काफी महत्व होता है।

पहले प्री परीक्षा की बाधा को करें दूर

गरिमा बताती है कि जब प्री परीक्षा पास आ जाए तो केवल उसी पर ध्यान देना शुरू कर दें। उनका मानना है कि अगर यह बाधा दूर नहीं हुई तो आगे की तैयारियों का कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने कहा वाया टेस्ट को रिवाइज करने का सही तरीका है टेस्ट देकर आप खुद को परखने का प्रयास करें कि आपकी तैयारी कैसी हो रही है।

जिस दिन लगे नहीं कर पाएंगे उसी दिन करें सबसे अधिक

गरिमा का अपना अनुभव कहता है कि जिस दिन लगे कि बिलकुल नहीं कर पाएंगे उसी दिन करके दिखाएं और देखें कि कैसे आपके अंदर एक नये तरह का साहस पैदा होता है। गरिमा का मानना है कि सिविल सर्विस की तैयारी का दौर थोड़ा लंबा होता है इसलिए कैंडिडेट कभी ना कभी निराश हो जाता है। इसलिए हमेशा ऐसे लोगों से जुड़े रहे जो आप को मोटिवेट करें इससे आपके भीतर एक नई ऊर्जा का संचार होगा।

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