भारत की ये दो वैक्सीन Covishield vs Covaxin मे कौन कितने है असरदार, जाने

कोरोना वायरस के खिलाफ भारत ने सबसे बड़ा अटैक कर दिया है. देशभर में कोरोना टीकाकरण अभियान का पहला चरण शुरू हो चुका है. पहले फेज में हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन की डोज दी जा रही है. उम्मीद की जा रही है कि अगले हफ्ते में पहले चरण के सभी लोगों को वैक्सीन का टीका लगा दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए दुनिया के इस सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को हरी झंडी दिखाई. DGCI ने भारत बायोटेक की को वैक्सीन और सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की को भी सिलेक्शन को भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है.

Covishield Vaccine

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटेन-स्वीडन की फार्मास्यूटिकल कंपनी एस्ट्रेजनेका ने तैयार किया है. भारत में इस वैक्सीन को सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बनाया है. ट्रायल में इस वैक्सीन के तीनों फेज के नतीजे काफी अच्छे आए हैं. ब्रिटेन में इसके ट्रायल से 90-95 फ़ीसदी तक असरदार रहे है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि ट्रायल में शामिल लोगों में एंटीबॉडी और व्हाइट ब्लड सेल्स विकसित हुई और यह काफी अलग है. कहा जा रहा है कि वैक्सीन की दो Dose काफी असरदार है.

Covaxin

भारत बायोटेक के Covaxin स्वदेशी वैक्सीन है इस वैक्सीन को भारत बायोटेक और आईसीएआर ने मिलकर तैयार किया है. इस वैक्सीन को तैयार करने में पुरानी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. अगर इसे आम भाषा में समझे तो पहले वैक्सीन की डोज देकर लोगों को वायरस से संक्रमित किया जाता है इसके बाद उस वायरस को मारा जाता है. खास बात यह है कि इस वैक्सीन से साइड इफेक्ट होने पर कंपनी की तरफ से हर्जाना भी दिया जाएगा. भारत बायोटेक के Covaxin की डोज लेने के बाद लोगों को एक फैक्टशीट भी दी जाएगी जिसमें उन्हें अलग-अलग लक्षणों के बारे में अगले 7 दिनों तक लिखना होगा. आपको जानकारी दे दें कि भारत बायोटेक के Covaxin के तीसरे फेज के ट्रायल अभी भी करीब 26,000 लोगों पर चल रहे हैं. मुंबई के छह सेंटर पर लोगों को कोवैक्सीन की डोज दी जाएगी.

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