भगवान ऐसी औलाद किसी को ना दे, मां के श्राद्धकर्म पर बेटो ने बालाओं संग लगाए ठुमके

जिन बेटों को मां ने ममता की छांव में बड़े लाल प्यार से पाला सारे संस्कार दिए. उन्ही पांच बेटों ने मां की श्रद्धांजलि सभा में बालाओं के साथ ठुमके लगाकर अपनी सभ्यता और संस्कृति को ठेस पहुंचाया है.जमुई जिले के सदर प्रखंड के महेश्वरी के संत जोसेफ स्कूल के पास स्थित अपने आवास के सामने पंडाल लगाकर रविवार और सोमवार की रात मां के श्राद्ध कर्म और शांति भोज के बाद बेटो ने बार बालाओं के साथ ठुमके लगाए.

आयोजन में स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटी भीड़ से कई युवा फेसबुक लाइव का डांस कार्यक्रम को दिखाते रहें और शहर के सैकड़ों लोगों ने इस डांस को फेसबुक लाइव के माध्यम से भी देखा. जबकि कार्यक्रम स्थल पर सैकड़ों की भीड़ भी लगी थी इसके बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा आयोजनकर्ता पर ना तो कोई कार्यवाही की गई और ना ही कार्यक्रम को बंद करवाया गया. बेटे ने डांस क रना सिर्फ अपनी संस्कृति को तोड़ा बल्कि कोरोना गाइडलाइन की भी अनदेखी की जो कानूनन अपराध है.

देर रात चला कार्यक्रम पुलिस को भी नहीं लगी भनक

मां की मौत पर बालाओं के डांस कार्यक्रम में रात भर आसपास के लोगों की नींद हराम की. इस आर्केस्ट्रा प्रोग्राम में डांसरों के साथ स्थानीय लोग भी जमकर थिरके लेकिन टाउन थाना की पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शकुना देवी के श्राद्ध कार्यक्रम के बाद शांति भोज हुआ जिसके आयोजन कर्ता उनके पांच पुत्र शांति भोज के बाद डांसरों का डांस करवाया. कार्यक्रम देखने के लिए काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी ग्रामीणों ने जहां एक और लॉकडाउन का खुला उल्लंघन किया.

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वृद्ध सकुना देवी की बीमारी से 15 दिन पहले मौत हो गई थी. मां की मौत के बाद मृतक के पांच पुत्र के द्वारा सम्मिलित रूप से गया स्थित विष्णुपद मंदिर के पास उनका सारा श्राद्ध कर्म संपन्न करने के बाद गांव आए और गांव में शांति भोज कार्यक्रम अपने मोहल्ले और गोतिया के लिए 27 दिसंबर को रखा गया. शांति भोज कार्यक्रम संपन्न होने के बाद रविवार की देर शाम से पूरी रात तक नाच गाने का दौर चला. जिसमें मृतक सकुना देवी के परिजन के साथ-साथ आसपास के लोग भी शामिल हुए.

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शर्मसार करने वाली बात यह है कि श्राद्ध कर्म के शांति भोज के अवसर पर बालाओं द्वारा डांस किया जा रहा था. जिसे देखने के लिए काफी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी थी. बालाओं के ठुमके पर दर्शक भी जमकर थिरक रहे थे.

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