Wednesday, February 1, 2023
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आज हुआ नए संसद भवन का भूमिपुजन, देखें कितना शानदार और भव्य है

भारत ने नए संसद भवन की पहली तस्वीर सामने आ गई है. संसद भवन की नई इमारत का डिजाइन त्रिभुज (Triangle) के आकार का होगा और पुराने परिसर के पास इसका निर्माण होगा. नए भवन का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड करेगी. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) नए संसद (Parliament) भवन के निर्माण के लिए भूमि पूजन 10 दिसंबर को करेंगे. नई बिल्डिंग में एक बड़ा कॉस्टीट्यूशन हॉल होगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत की झलक दिखाई देगी. इसके अलावा, संसद सदस्यों के लॉन्ज, कई कमेटियों के लिए कमरे, डाइनिंग एरिया और पर्याप्त पार्किंग स्पेस होगा. 

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संसद भवन की नई बिल्डिंग के भूमि पूजन का निमंत्रण पीएम मोदी को देने के लिए आज दोपहर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) प्रधानमंत्री आवास पहुंचे. बिरला ने प्रस्तावित भवन के बारे में विवरण पेश करते हुए कहा, ‘‘लोकतंत्र का वर्तमान मंदिर अपने 100 साल पूरे कर रहा है. यह देशवासियों के लिये गर्व का विषय होगा कि नए भवन का निर्माण हमारे अपने लोगों द्वारा किया जाएगा, जो आत्मनिर्भर भारत का एक प्रमुख उदाहरण होगा.”

नई संसद की खासियत

  1. नई संसद की बिल्डिंग मौजूदा संसद भवन के बगल में होगी और दोनों बिल्डिंग में एक साथ काम होगा।
  2. अभी लोकसभा में 590 लोगों की सिटिंग कैपेसिटी है। नई लोकसभा में 888 सीटें होंगी और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्यादा लोगों के बैठने के इंतजाम होंगे।
  3. अभी राज्यसभा में 280 की सिटिंग कैपेसिटी है। नई राज्यसभा में 384 सीटें होंगी और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्यादा लोग बैठ सकेंगे।
  4. लोकसभा में इतनी जगह होगी कि दोनों सदनों के जॉइंट सेशन के वक्त लोकसभा में ही 1272 से ज्यादा सांसद साथ बैठ सकेंगे।
  5. संसद के हरेक अहम कामकाज के लिए अलग-अलग ऑफिस होंगे। ऑफिसर्स और कर्मचारियों के लिए हाईटेक ऑफिस की सुविधा होगी।
  6. कैफे और डाइनिंग एरिया भी हाईटेक होगा। कमिटी मीटिंग के अलग-अलग कमरों को हाईटेक इक्विपमेंट से बनाया जाएगा।
  7. कॉमन रूम्स, महिलाओं के लिए लाउंज और वीआईपी लाउंज की भी व्यवस्था होगी।

जानें पुराना संसद भवन कब बना था?

मौजूदा संसद भवन 1911 में बनना शुरू हुआ था। तब अंग्रेजों के शासन के दौर में दिल्ली राजधानी बनी थी। सन 1927 में संसद भवन का उद्घाटन हुआ था। लेकिन आज के समय के हिसाब से संसद भवन में काफी समस्याएं देखी जाने लगी हैं। सबसे बड़ी समस्या है कि संसद में मंत्रियों के बैठने के लिए तो चैम्बर हैं लेकिन सांसदों के लिए नहीं हैं। इसके अलावा बिजली सप्लाई का सिस्टम भी पुराना है, जिसके चलते शॉर्ट सर्किट की समस्या होती रहती है।

टाटा को मिला कॉन्ट्रैक्ट

संसद की नई इमारत बनाने का कॉन्ट्रैक्ट टाटा को मिला है। इस प्राेजेक्ट पर 865 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नई संसद पार्लियामेंट हाउस स्टेट के प्लॉट नंबर 118 पर बनाई जाएगी। प्रोजेक्ट के तहत नई संसद के अलावा इंडिया गेट के आसपास 10 इमारतें और बनेंगी, जिनमें 51 मंत्रालयों के दफ्तर होंगे।

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नई-पुरानी बिल्डिंग्स डायमंड लुक देगी

इस पूरे प्रोजेक्ट में पुरानी बिल्डिंग के दोनों तरफ ट्राएंगल शेप में दो बिल्डिंग बनेंगी। पुराने संसद भवन का आकार गोल है, जबकि नई संसद तिकोने आकार में होगी। इसके चलते नई और पुरानी बिल्डिंग्स एक साथ देखने पर डायमंड लुक नजर आएगा। उम्मीद है कि संसद की नई बिल्डिंग 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगी।पुरानी पार्लियामेंट के कई हिस्सों में रिपेयरिंग की जरूरत है। इसलिए उसके कुछ हिस्सों को रिनोवेट किया जाएगा। उस जगह जो नई बिल्डिंग बनेगी, उसमें कृषि भवन, शास्त्री ‌‌भवन आदि शामिल है।

बता दें कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू नए संसद भवन की जरूरत को लेकर वकालत कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार, मोदी सरकार ने इस पर अपना एक ड्रीम प्लान तैयार कर लिया है। जिस पर अब वह तेजी से आगे बढ़ने की मंशा रखती है।

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