बॉलीवुड की दुनिया में कौन कब स्टार बन जाए और कौन कब इस दुनिया से दूर हो जाए यह कोई नहीं जानता है. बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार आए हैं जो पहले ही फिल्म से स्टार हो गए लेकिन कुछ समय बाद वह कहीं गायब हो जाते हैं। ऐसे ही एक फिल्म यह दिल आशिकाना में मेन रोड प्ले करने वाला अभिनेता करण नाथ का है, जो एक हिट फिल्म यह दिल आशिकाना देने के बाद कहीं गुमनाम हो गए उसकी एक फिल्म तो चली परंतु उसके बाद उनकी कोई दूसरी फिल्म नहीं चली। करण नाथ भी बॉलीवुड बैकग्राउंड से ही आते हैं इनके पिता राकेश नाथ माधुरी दीक्षित के मैनेजर के बेटे हैं।

ये दिल आशिक़ाना के सफल होने के बावजूद भी करन का फिल्मी करियर ट्रैक पर नही आया और धीरे धीरे उनकी सारी फिल्में पर्दे पर पिटती गई। फिर एक समय ऐसा आया जब करण भी फ्लॉप एक्टरों की लिस्ट में शामिल हो गए। फ्लॉप अभिनेताओं की लिस्ट में शामिल करन के जीवन में फिर एक ऐसा समय ऐसा आया जब वो पूरी तरह से गुमनाम हो गए। इतना ही नही लगातार फिल्मों के फ्लॉप होने के कारण वह डिप्रेशन का शिकार हो गए। इस बात का खुलासा खुद करन नाथ ने ही साल 2003 में दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान किया था।

उन्होंने बताया कि यह बात तब की है जब उनकी फिल्म ‘पागलपन’ बॉक्स ऑफिस पर रिलीज की गई और उन्हें और उनके पिता को पूरा यकीन था कि यह फ़िल्म चलेगी। लेकिन उनके उम्मीदों पर तब पानी फिर गया जब इस फ़िल्म ने पर्दे पर कमाल नही दिखाया और बुरी तरह से फ्लॉप हो गई। इतना ही नही लोगों ने उनकी एक्टिंग को लेकर भी खूब सुनाया और कोसा। यही वो वजह थी कि करन डिप्रेस्ड हो गए।
फिर ‘गन्स ऑफ बनारस’ आया नजर

लेकिन करन ने फिर इसका डटकर सामना किया और मजबूती के साथ इस फेज से बाहर निकले। 8 सालों तक फिल्मों से दूर और बेरोजगार रहे करन ने एक बार फिर कमबैक किया। साल 2020 में करन की एक मूवी आई जिसका नाम ‘गन्स ऑफ बनारस’ था। ना सिर्फ सालों बाद कमबैक करने के कारण बल्कि और भी वजहों से यह फ़िल्म बेहद खास थी। दरअसल इस मूवी को शेखर सूरी ने डायरेक्ट किया था और यह फ़िल्म साल 2007 की एक सुपरहिट फिल्म की रीमेक थी।