साउथ सुपरस्टार रजनीकांत को मिला दादा साहब फाल्के पुरस्कार, ड्राइवर को समर्पित किया पुरस्कार

कुछ दिनों पहले दादासाहेब फाल्के अवार्ड की घोषणा की गई जिसमे साउथ इंडस्ट्री के सुपरस्टार रजनीकांत का नाम शामिल है. ऐसे में उन्होंने इस प्रतिष्ठित अवार्ड के मिलने की घोषणा पर खुशी जताई है और कहा है कि वह ये अवार्ड अपने दोस्त बस ड्राइवर राज बहादुर और गुरु स्वर्गीय बालाचंदर को डेडिकेट करना चाहते हैं। रजनीकांत का कहना है कि इन्ही लोगों के कारण आज वो इस मुकाम पर पहुंचे है और स्टार रजनीकांत बने हैं। इतना ही नही उन्होंने अपना यह अवार्ड अपने भाई और उनलोगों को भी समर्पित किया है जिन्होंने उनके इस फिल्मी यात्रा में उनका पूरा साथ दिया है।

प्रधानमंत्री ने दिये शुभकामनायें

रंजिकान्त को दादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खुशी जाहिर की और लिखा है कि ” बेहद खुशी की बात है कि थलाइवा को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया जाएगा, वह कई पीढ़ियों में लोकप्रिय रहे हैं और उनके अच्छे काम की एक लंबी सूची है”। वही रजनीकांत ने भी पीएम के इस ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा, “मेरे सम्मानित और प्रिय नरेंद्र मोदी जी आपकी शुभकामना से अभिभूत हूं, मैं तहे दिल से आपका, प्रकाश जावड़ेकर, ज्यूरी सदस्यों और भारत सरकार का धन्यवाद करता हूं।

केवल नरेंद्र मोदी ही नही बल्कि फिल्मी जगत और राजनीतिक गलियों से भी कई बड़े लोगों और उनके फैन्स ने उनको इस पुरस्कार के मिलने पर ढेर सारी बधाइयां दी है। इतना ही नही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री प्लानिस्वामी ने भी रजनीकांत को बकायदा फ़ोन कर के बधाई दी हैं। उन्होंने कहा, “रजनीकांत के कड़े मेहनत के कारण उन्हें यह पुरस्कार मिला है और ईश्वर से उनकी प्राथना है कि ऐसे ही ढेरों पुरस्कार उन्हें मिले और उनकी आयु बहुत लंबी हो। वहीं द्रमुक नेता स्टालिन ने कहा, हालांकि देर से मिला, लेकिन इसका स्वागत करते हैं। कमल हासन ने बधाई देते हुए कहा कि यह श्रेष्ठ पुरस्कार रजनीकांत जैसे कलाकार के लिए बिलकुल उपयुक्त है।

पांच सदस्यों वाली ज्यूरी ने किए निर्णय

आपको बता दें की सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने बताया कि इस साल दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के हक़दार का चयन आशा भोंसले, मोहनलाल, सुभाष घई, बिश्वजीत चटर्जी समेत शंकर महादेवन की पांच सदस्यों वाली ज्यूरी ने किया है। जावेडकर ने आगे बताया कि रजनीकांत को यह पुरस्कार देने के लिए निर्णायक मंडल के सदस्यों ने सर्वसम्मति से सिफारिश की, जिसकी उन्होंने स्वीकृति दे दी।

1975 में किया अपने फिल्मी सफर का शुरुआत

वही बात करें अगर रजनीकांत के फिल्मी करियर की तो उन्होंने साल 1975 में अपनी पहली तमिल मूवी अपूर्व रागंगल की थी जिसके बाद उन्होंने साउथ को कई सुपरहिट फिल्में दी। साउथ के साथ साथ उन्होंने बॉलीवुड को भी कई सुपरहिट फिल्में दी है जिनमे अंधा कानून, हम, भगवान दादा, चालबाज और आतंक ही आतंक जैसी फिल्में शामिल है। आपको बता दें की अब तक यह दादासाहेब फाल्के अवार्ड रजनीकांत के अलावा बॉलीवुड के कई सितारों को मिल चुका है जिनमे अभिनेता प्राण, शशि कपूर, मनोज कुमार, विनोद खन्ना और अमिताभ बच्चन सहित 50 लोग शामिल है।

Manish Kumar

पिछले 5 सालों से न्यूज़ सेक्टर से जुड़ा हुआ हूँ। इस दौरान कई अलग-अलग न्यूज़ पोर्टल पर न्यूज़ लेखन का कार्य कर अनुभव प्राप्त किया। अभी पिछले कुछ साल से बिहारी वॉइस पर बिहार न्यूज़, बिजनस न्यूज़, ऑटो न्यूज़ और मनोरंजन संबंधी खबरें लिख रहा हूँ। हमेशा से मेरा उद्देश्य लोगो के बीच सटीक और सरल भाषा मे खबरें पहुचाने की रही है।

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