द्रौपदी के चीरहरण सीन देने के दौरान रोने लगी थी रूपा गांगुली, जाने 250 मीटर साड़ी से कैसे हुई थी शूटिंग

Written by: Aadya Bharti | biharivoice.com • 25 नवम्बर 2021, 10:39 अपराह्न

बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री की सबसे सफल सीरियल्स में से एक है। इस सीरियल की फैन फॉलोइंग इतनी ज्यादा है कि लोग अभी तक इसके एक-एक किरदार को अपना प्यार दे रहे हैं। इस शो का हर किरदार हमेशा के लिए मानिए जैसे अमर ही हो गया। लोग हर किरदार को सच मान बैठे थे, चाहे वो नकारात्मक किरदार ही क्यों ना हो। यहां तक कि लोग उन्हें उसी नजर से देखते भी थे।

रूपा गांगुली

महाभारत में द्रौपदी का किरदार भी काफी चर्चित था जिसे अदाकारा रूपा गांगुली ने निभाया था। आज रूपा गांगुली का जन्मदिन है और वो पूरे 55 वर्ष की हो गयी हैं। महाभारत शो में चीरहरण का दृश्य आज तक लोगों को याद है लेकिन इसे शूट करना रूपा गांगुली के लिए आसान नहीं था। आईये उनके जन्मदिन के मौके पर आपको बताते हैं महाभारत में चीरहरण के दृश्य से जुड़ी कुछ अनसुनी कहानियां।

250 मीटर की साड़ी पहन आधे घंटे तक रोटी रही रूपा गांगुली

mahabharat_draupadi

महाभारत में रूपा गांगुली ने द्रौपदी का किरदार काफी बेहतरीन तरीके से निभाया था। लेकिन जब बात आई थी द्रौपदी चीरहरण के दृश्य की तो रूपा के भी रौंगटे खड़े हो गए थे। इस सीन को दर्शाने के लिए बीआर चोपड़ा ने रूपा से कहा था कि वो ये सीन यह सोचकर करें कि जब किसी महिला को भरी सभा में उसके बाल खींचकर लाया जाए और उनके कपड़े उतारे जाएं तो उसपर क्या बीतेगी।

रूपा गांगुली

ये सोचते ही रूपा काफी डर गई थी लेकिन उन्होंने एक टेक में ही पूरा सीन कम्पलीट किया था। लेकिन इस सीन के दौरान वह कैरक्टर में इस तरह घुस गई थीं कि सीन खत्म होने के आधे घंटे बाद तक वो रोती रह गयी थी। बाद में सभी लोगों के समझाने पर वो शांत हुई थीं। बता दें कि इस सीन को फिल्माने के दौरान 250 मीटर की साड़ी का इस्तेमाल किया गया था।

जूही चावला थी पहली द्रौपदी

Juhi-Chawla

आपको बता दें कि द्रौपदी के ऐतिहासिक किरदार के लिए पहले जूही चावला को फाइनल किया गया था। इसके लिए जूही ने कॉन्ट्रैक्ट भी साइन कर लिया था । लेकिन, जूही की फ़िल्म ‘कयामत से कयामत तक’ रिलीज होने के बाद उन्होंने इस आफर को ठुकरा दिया था । इसके बाद यह किरदार जूही चावला की जगह रूपा गांगुली ने निभाया और अपनी बेहतरीन अदाकारी से इसे ऐतिहासिक बना दिया।

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