बॉलीवुड की लोकप्रिय संगीतकार के तौर पर मशहूर माया गोविंद (Maya Govind) ने 80 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा (Maya Govind Dies) कह दिया। माया गोविंद लंबे समय से बीमार बताई जा रही थी, जिसके चलते उनका इलाज चल रहा था। वहीं बीते गुरुवार को उन्हें हार्ट अटैक आ गया, जिसके बाद उनका निधन हो गया। गीतकार के निधन से हिंदी सिनेमा जगत में शोक की लहर है। हर कोई उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।

माया गोविंद का निधन
80 साल की माया गोविंद ने अपने करियर में लगभग 300 से ज्यादा फिल्मों के लिए गाने गाए थे। वह फिल्म इंडस्ट्री की एकमात्र ऐसी गायक हैं, जिन्होंने फिल्मी और टेलीविजन की दुनिया के गानों के अलावा किताबें भी लिखी हैं। हिंदी सिनेमा में उन्होंने अपने टैलेंट से लोगों के दिलों पर न सिर्फ राज किया है, बल्कि वह हमेशा लोगों के जहन में छाई रही हैं।

माया गोविंद ने अपने करियर की शुरुआत निर्माता-निर्देशक आत्माराम की फिल्म आरोप से की थी। अपने पहले ही ब्रेक से उन्होंने साबित कर दिया था, कि लिरिक्स की बारीकियों में उनका हाथ कोई नहीं पकड़ सकता। 1979 में सावन को आने दो फिल्म के कजरे की बाती ने माया गोविंद को हर घर हर दिल में अपनी पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने आंखों में बसे हो तुम, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, तेरी मेरी कहानी, रानी चेहरे वाले जैसे कई सदाबहार गाने दिए।

माया गोविंद ने बॉलीवुड इंडस्ट्री के साथ-साथ टेलीविजन इंडस्ट्री में भी अपने टैलेंट का जलवा दिखाया है। महाभारत जैसे यादगार सीरियल के लिए गीत, दोहे और छंद भी लिखे हैं। इसके अलावा उन्होंने विष्णु पुराण, किस्मत, द्रौपदी और आप बीती जैसे सीरियल में अपनी लेखनी का हुनर भी दिखाया है। माया गोविंद के निधन से बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनका जाना इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।


















