Dhoni last over Finish: टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भले ही आज क्रिकेट के गलियारों से दूर हैं लेकिन आज भी उनकी प्रतिष्ठा और शोहरत में कोई कमी नहीं आई है. महेंद्र सिंह धोनी भारत ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे अच्छे कप्तान माने जाते हैं. मैच फिनिसिंग में आज भी DHONI का कोई जोड़ नहीं है. 11 जुलाई 2013 को महेंद्र सिंह धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ एक बड़ा कारनामा किया था. विकेट का पीछा करते-करते ट्राई सीरीज के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम ने 9 विकेट गंवा दिए थे.उस समय जीत के लिए आखिरी ओवर में 15 रनों की जरूरत थी.
धोनी ने ऐसे पलटा मैच
इस मुश्किल हालात में क्रीज पर उस समय के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मौजूद थे. वहीं दूसरी तरफ इशांत शर्मा नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े थे. श्रीलंका की ओर से आखिरी ओवर शमिंडा इरंगा कराने आए. धोनी के सामने ईरंगा ने ओवर की पहली गेंद खाली निकाल दी. 5 बॉल बाकी थे और भारतीय टीम को 15 रनों की जरूरत थी तभी धोनी ने दूसरे बॉल पर छक्का लगाया. पूरे स्टेडियम में भारतीय फैंस धोनी-धोनी का नारा लगाने लगे और फैंस के उम्मीदें बढ़ गई.
तीसरी गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी ने एक शानदार चौका लगाया अब भारतीय फैंस की उम्मीदें और भी ज्यादा बढ़ गई थी. अब भारतीय टीम को तीन गेंदों में 5 रन की जरूरत थी और सबकी निगाह महेंद्र सिंह धोनी पर टिकी थी.तभी महेंद्र सिंह धोनी ने कमाल किया और चौथी गेंद पर शानदार छक्का लगाया.
धोनी के 1 छक्के के साथ हारते हुए मैच को धोनी ने भारतीय टीम के नाम कर दिया.महेंद्र सिंह धोनी के छक्के से टीम इंडिया 1 विकेट से जीत दर्ज कर ली. इस मैच में धोनी ने छह नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 52 गेंदों में 5 चौके और 2 छक्कों की मदद से 45 रनों की पारी खेली थी.
देखें विडियो –
2013, India – Sri Lanka – West Indies, Tri Series.
— Captain Cool (@CaptainCool_07) November 14, 2021
India VS Sri Lanka : Final
India needed 15 of 6 balls with only 1 wicket remaining, with MS Dhoni on Strike.
49.1 Dot
49.2 Six
49.3 Four
49.4 Six
We Won!????#MSDhoni pic.twitter.com/mcoB40I969
लो स्कोरिंग मैच में फंसा था पेंच
यह मैच भारत और श्रीलंका के बीच हुआ था और पहले श्रीलंका ने बल्लेबाजी की थी.मैच में श्रीलंका 48.5 में 201 रन बनाकर ऑल आउट हो गया था. 201 रनों का पीछा करते हुए भारत ने 182 रन बनाकर 9 विकेट गंवा दिए. लेकिन आखिरी ओवर में उन्होंने गेमचेंजर साबित हुए और धोनी के बदौलत टीम ने मैच जीत लिया.