Manoj Muntashir Lesser Personal Life Story: बाहुबली फिल्म में कई जबरदस्त डायलॉग है, जिनकी पॉपुलैरिटी देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में है। इसमें से खासतौर पर वो डायलॉग जैसे- देवसेना को किसी ने हाथ लगाया, तो समझो बाहुबली की तलवार को हाथ लगाया… और औरत पर हाथ डालने वाले का हाथ नहीं काटते काटते हैं उसका गला…। यह सभी डायलॉग मशहूर गायक मनोज मुंतशिर की कलम से निकले थे और इन डायलॉग के जरिए मनोज मुंतशिर को ऐसी पहचान मिली कि आज वह किसी पहचान के मोहताज नहीं है।

बाहुबली से आदिपुरुष तक मनोज मुंतशिर का सफर
मनोज मुंतशिर ने बाहुबली के बाद अपने कलम की अदाकारी आदिपुरुष फिल्म में भी दिखाई। आदिपुरुष में उनके लिखे कई डायलॉग लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। बता दे मनोज मुंतशिर ने सिर्फ फिल्मों के डायलॉग ही नहीं लिखे, बल्कि उन्होंने केसरी फिल्म का गाना तेरी मिट्टी, विलेन फिल्म में तेरी गलियां, एमएस धोनी की बायोपिक में कौन तुझे यूं प्यार करेगा जैसे सुपरहिट गाने भी लिखे हैं। ऐसे में आइए हम आपको मनोज शुक्ला से मनोज मुंतशिर बनें फेमस राइटर के दिलचस्प जर्नी बताते हैं…
पंडित परिवार में हुआ था मनोज मुंतशिर का जन्म
मनोज मुंतशिर का असली नाम मनोज शुक्ला है। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अमेठी के गौरीगंज में हुआ था। मनोज मुंतशिर को बचपन से ही लिखने का शौक था। अपने लेखन को बेहतर बनाने के लिए मनोज कई कवियों की किताब पढ़ा करते थे। साथ में आठवीं क्लास में उन्होंने दीवाना एक ग़ालिब किताब पढ़ी थी, लेकिन उर्दू नहीं आने की वजह से उन्हें यह किताब कुछ खास समझ नहीं आई थी। ऐसे में 1 दिन मस्जिद के नीचे से मनोज मुंतशिर ने ₹2 का उर्दू का किताब खरीदा और उर्दू की पढ़ाई करना शुरू कर दिया।

अनुप जलोटा से मिलने के बाद बदली किस्मत
साल 1999 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद वह मुंबई चले गए, जहां उन्होंने कई टीवी शो और फिल्मों में लेखन का काम किया। मनोज ने अपने करियर की शुरुआत आकाशवाणी से की थी। शुरुआत में उन्हें ₹500 सैलरी के तौर पर मिलते थे, इसी दौरान उनकी मुलाकात भजन गायक अनूप जलोटा से हुई। मनोज ने उनके कई भजन लिखे, जिसके लिए उन्होंने ₹3000 महीने सैलरी भी ली। मनोज की किस्मत में सबसे बड़ा बदलाव कौन बनेगा करोड़पति से आया। दरअसल जब उन्हें इस शो के लिरिक्स लिखने का ऑफर मिला, तो इसी के साथ उनकी किस्मत बदल गई।
‘शुक्ला’ से ‘मुंतशिर’ कैसे बने मनोज
बात यहीं खत्म नहीं हुई इसके बाद उनका यही शौक शादी टूटने की वजह भी बना। दरअसल मनोज की शादी 13 मई 1997 को होने वाली थी। कार्ड छप चुके थे लेकिन 2 महीने की कोशिश के बाद शादी अचानक टूट गई। शादी के कुछ दिन पहले लड़की का भाई मिलने आया और बोला कि- जीजा आगे क्या करना चाहते हैं… कहां से इंजीनियरिंग करोगे? तो उन्होंने जवाब में कहा- भाई मैं तो गीत लिखूंगा। इस पर लड़की का भाई नाराज हो गया और उसने कहा- वह तो ठीक है, आप लिखते रहिएगा… लेकिन करियर में क्या करेंगे। इसके जवाब में मनोज ने फिर यही कहा- भाई मैं ता उम्र गीत लिखूंगा। मनोज बताते हैं कि उसके बाद जब मैं अपने घर गया तो मुझे शादी टूटने की खबर मिली।

मनोज मुंतशिर गायक, लेखक, कवि, डायलॉग राइटर और स्क्रीन्राइटर के तौर पर जाने जाते हैं। उनका असली नाम मनोज शुक्ला है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने खुद बताया कि किस तरह उन्होंने अपना नाम मनोज शुक्ला से मनोज मुंतशिर किया। उन्होंने बताया कि साल 1997 के दौरान देर रात में चाय की टपरी पर पहुंचा। रेडियो बज रहा था और उन्होंने पहली बार मुंतशिर शब्द सुना। यह शब्द उन्हें इतना पसंद आ गया कि उन्होंने अपने नाम के साथ जोड़ने का मन बना लिया। हालांकि जब यह फैसला किया तो पिता से बात करने पर संकोच भी हुआ। ऐसे में उन्होंने अपने घर की नेम प्लेट पर मनोज शुक्ला की जगह मनोज मुंतशिर लिखवा दिया, जिससे उनके पिता काफी नाराज हो गए। मनोज ने बताया कि उनके पिता को लगा कि उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया है।
सुपरहिट है मनोज मुंतशिर के सभी गाने
बता दे कि मनोज बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई सुपरहिट गाने लिख चुके हैं, जिसमें तेरी मिट्टी, गलियां, तेरे संग यारा, कौन तुझे यूं प्यार करेगा, दिल मेरी ना सुने, फिर भी तुमको चाहूंगा, जय जयकारा जैसे कई सुपरहिट गाने लिख चुके हैं। इसके अलावा मनोज मुंतशिर इंडिया गॉट टैलेंट और इंडिया आइडल जूनियर की स्क्रिप्ट भी लिखी है। साथ ही वह बाहुबली 2 और ब्लैक पैंथर में हिंदी वर्जन फिल्म के लिए डायलॉग भी लिख चुके हैं।