Shyam Pathak Aka Popatlal: तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो बीते 14 सालों से लोगों के फेवरेट लिस्ट में शुमार है। तारक मेहता के हर किरदार ने अपने अतरंगी और दमदार अभिनय से हर घर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हालांकि यह बात अलग है कि इस नेम और फेम को पाने के लिए सभी किरदारों को एक लंबा स्ट्रगल भी झेलना पड़ा है। ऐसे में आज बात तारक मेहता में नजर आने वाले पोपटलाल उर्फ श्याम पाठक की करते हैं, जिन्होंने पोपटलाल के किरदार को निभाते हुए काफी पॉपुलरिटी बटोरी है।

कौन है तारक मेहता के पोपटलाल
तारक मेहता का उल्टा सीरियल में पोपटलाल का किरदार निभाने वाले एक्टर का नाम श्याम पाठक है। आज उन्हें लाखों-करोड़ों लोग जानते हैं, लेकिन एक दौर वह भी था जब उन्हें अभिनय के पर्दे पर आने के लिए एक लंबा स्ट्रगल करना पड़ा। इस दौरान कभी चाल में दिन गुजारे, तो कभी सेल्समैन की नौकरी कर दो वक्त की रोटी जुटाने का जुगाड़ किया। श्याम पाठक में हमेशा से ही एक्टिंग का कीड़ा था। ऐसे में अपने अभिनय के सफर को शुरू करने के लिए उन्होंने एक लंबा स्ट्रगल झेला है। इसके लिए उन्हें एक लंबी मेहनत का सफर तय करना पड़ा है।
जब पोपटलाल को याद आये अपने स्ट्रगल के दिन
इस बात का जिक्र खुद श्याम पाठक ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान किया था और बताया था कि कैसे उन्होंने इस सफर को पाने के लिए एक लंबी जर्नी तय की है। श्याम पाठक ने बताया कि उनका जन्म मुंबई के घाटकोपर में हुआ था। उन्होंने अपनी जिंदगी के 25 साल गरीबी में गुजारे हैं। श्याम पाठक ने बताया कि कैसे उन्हें एक्टिंग करने का ख्याल आया और इसके बाद वह अपने सफ़र पर चल पड़े।

उन्होंने बताया- बचपन में वह बाल संस्कार कार्यक्रम में जाया करते थे, जहां सालाना एक नाटक किया जाता था। यहां पर उन्हें भी एक रोल के लिए सिलेक्ट किया गया, जब वह 6-7 साल के थे। उन्होंने स्टेज पर परफॉर्मेंस की तो उनकी परफॉर्मेंस देख लोगों ने तालियां बजाई। लोगों ने उनकी एक्टिंग को न सिर्फ पसंद किया, बल्कि उनकी खूब तारीफ भी की। उनके अंदर एक्टिंग का कीड़ा जाग गया और उन्होंने फैसला कर लिया कि वह बड़े होकर एक्टर ही बनेंगे।
खर्च के लिए एक्टिंग छोड़ करनी पड़ेगी सेल्समैन की नौकरी
श्याम पाठक ने कहा कि स्कूल में वह एक्टिंग स्टेज पर काफी एक्टिव थे। स्कूल को रिप्रेजेंट भी करते थे, लेकिन कॉलेज में आते-आते तक पढ़ाई के साथ नौकरी करना जिंदगी की जरूरत बन गई। घर के हालात ठीक नहीं थे तो ऐसे में खर्चा चलाने के लिए नौकरी करना जरूरी था। तब उन्होंने एक कपड़ों की दुकान पर बतौर सेल्समैन की नौकरी के साथ अपने सफर की शुरुआत की। इस दौरान उन्हें कई बार काफी कुछ झेलना भी पड़ा। सेल्समैन के तौर पर भी लोगों ने उनके काम की काफी सराहना की।

चार्टर्ड अकाउंटेंट से कैसे बने पोपटलाल
श्याम पाठक ने अपने इस इंटरव्यू में यह भी बताया कि उनकी मां हमेशा से चाहती थी कि वह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट बने। इसके लिए मैंने तैयारी भी की लेकिन मन हमेशा से ही एक्टर बनने की ख्वाहिश लिए चल रहा था। ऐसे में उन दिनों में काम से इनकम टैक्स ऑफिस जाता था, तब वहां बगल में नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स का बोर्ड भी लगा हुआ नजर आया। उसे देख हिम्मत जुटाई और अंदर गया। वहां सालाना ₹25 का सब्सक्रिप्शन लिया और यहीं से मैंने अपने सपनों की पहली उड़ान भरना शुरू किया।
श्याम पाठक ने आगे ने बताया कि- मैं कैसे समाज से आता हूं जहां अगर कोई यह कहे कि मुझे एक्टर बनना है तो लोग हंसकर उसका सिर्फ मजाक ही उड़ाएंगे। ऐसे में मेरे लिए इस सपने को पूरा करना बहुत कठिन था। मेरे घर वालों को जब यह सब कुछ पता चला तो उन्होंने मुझे कहा कि जॉब करो, शादी करके सेटल हो जाओ… कहां इन सब चक्रों में पढ़ रहे हो…। लेकिन मैं जानता था इसलिए मैंने अपनी हिम्मत को कभी हार नहीं मानने दी और मैंने एक के बाद एक नौकरी करते हुए कई ऑडिशन भी दिए।
इसके बाद जब मुझे थिएटर में काम करने का जब मौका मिला, तो मेरे सीए के फाइनल एग्जाम थे लेकिन पढ़ाई में मन नहीं लगता था। ऐसे में आखिरी पेपर देने के बाद तुरंत वहां थिएटर में आ गया और राजा की रसोई में नेरेटर का रोल प्ले किया।

कई टीवी शो में कर चुके हैं काम
इसके बाद टेलीविजन इंडस्ट्री में आने के लिए मुझे और भी स्ट्रगल करना पड़ा। हालांकि आज मुझे इस बात पर यकीन नहीं होता कि कहां मैं एक लोअर मिडल क्लास फैमिली और चाल में रहने वाला लड़का… आज पृथ्वी थिएटर में परफॉर्म कर रहा था। उस ग्लैमर वर्ल्ड को तो हम जानते हैं, लेकिन उसके पीछे कितनी मेहनत लगती है यह सब कुछ समझना हमारे लिए बेहद मुश्किल होता है। बता दे श्याम पाठक ने जस्सू बेन जयंतीलाल की जॉइंट फैमिली, एक चाबी है पड़ोस में, सोनपरी, सुख बाय चांस और तारक मेहता का उल्टा चश्मा जैसे टॉप सीरियल्स में काम किया है।


















