Khesari Lal Yadav: भोजपुरी के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर लगातार सुर्खियों में छाए हुए हैं। कभी खेसारी के गाने चर्चाओं में आते हैं, तो कभी खेसारी लाइव वीडियो (Khesari Lal Yadav Live) के जरिए भोजपुरी इंडस्ट्री पर अपनी नाराजगी जाहिर करते दिखाई देते हैं। फिलहाल हम खेसारी लाल यादव की जिस चर्चा की बात कर रहे हैं वह उनके ट्वीट के बाद शुरू हुई है। अपने इस ट्वीट में खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav Twitt) ने बीजेपी को उनकी 9 साल पुरानी बात याद दिला कर कुछ ऐसा लिखा है कि इसके साथ खेसारी लाल यादव की राजनीति (Khesari Lal Yadav On Politics) में एंट्री के कयास शुरू हो गए हैं।
वायरल हुआ खेसारी लाल यादव का नया ट्वीट
दरअसल खेसारी लाल यादव ने सोमवार को एक ट्वीट किया, इसमें उन्होंने अखबार की एक खबर को शेयर किया है। इस खबर में बीजेपी का एक कार्यक्रम है जो कि साल 2013 दिसंबर महीने में पटना में हुआ था। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के अंतर्गत बीजेपी के कुछ नेता भी एकत्रित हुए थे। इस कार्यक्रम में रविशंकर प्रसाद, सुनील कुमार मोदी समेत कई नेता मौजूद थे और इसी दौरान कार्यक्रम में यह कहा गया था कि- अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं, तो भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाएगा।
अब कहियाँ ????????♂️ pic.twitter.com/xN1GwnetjF
— Khesari Lal Yadav (खेसारी) (@khesariLY) December 12, 2022
खेसारी के ट्वीट पर आई कमेंट की बौछार
9 साल पुरानी बात को लेकर किए गए खेसारी लाल यादव के इस ट्वीट पर अब कमेंट की बौछार लग गई है। खेसारी लाल यादव ने अपने इस ट्वीट में भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को बीजेपी को याद दिलाया है और साथ ही इस सवाल को उठाते हुए पूछा है कि इस पर अब कहिएगा? जैसे ही खेसारी लाल यादव ने यह ट्वीट किया इस पर कमेंट की झड़ी लग गई। इस दौरान कोई बीजेपी के खिलाफ बोलता नजर आया, तो किसी ने खेसारी लाल यादव को कटिहार की एक घटना को याद दिलाना की कोशिश की।
खेसारी लाल यादव के ट्वीट पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा- आप कटिहार नरसंहार पर चुप क्यों है? आपकी भी कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी… । इस दौरान कई लोगों ने उनसे समाज के खिलाफ आवाज उठाने को लेकर भी सवाल किए हैं। साथ ही कई लोग बीजेपी पर तीखा तंज कसते हुए भी नजर आए हैं। इस दौरान एक ने लिखा है कि खेसारी भैय्या बीजेपी वालों का यही हाल है, यह वोट लेकर अपने वादे से मुकर जाते हैं। उन्होंने ना रोजगार दिया, ना 15 लाख रुपए और किसान की आय दोगुनी करने का वादा भी झूठा रहा।