Sachin fan Sudhir: यह बात बेहद नार्मल है कि किसी स्टार का कोई जबरा फैन हो, लेकिन ऐसा फैन शायद ही आपने दुनिया में कहीं और देखा होगा। यह फैन क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का है। सचिन के इस जबरा फैन का नाम सुधीर कुमार चौधरी है। क्रिकेट के मैदान में यह हर जगह अपने पूरे शरीर पर तिरंगा झंडा रंगवा बेहद अलग और अनोखे अंदाज में नजर आते हैं। इन्हें सचिन तेंदुलकर का सबसे बड़ा फैन भी कहा जाता है। सचिन और क्रिकेट के प्रति जुनून इन पर इस कदर सवार रहता है कि मैच देखने के लिए इन्होंने अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी। ऐसे में आइए हम आपको सुधिर कुमार चौधरी के बारे में कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं, जिन्हें पढ़कर आप भी शौक हो जाएंगे।
कौन हैं सचिन के सबसे बड़े फैन सुधीर कुमार चौधरी?
सुधीर कुमार चौधरी बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। सचिन तेंदुलकर और क्रिकेट के प्रति उनकी दीवानगी ऐसी है कि इसके लिए उन्होंने अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी। क्रिकेट के प्रति उनकी दीवानगी ऐसी है कि वह अपने पूरे शरीर पर भारत के तिरंगे का रंग रंगवा कर घूमते हैं। टीम कहीं भी खेले यह वहां चीयर करने पहुंच ही जाते हैं। अब ऐसे में आपके मन में यह सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर सब कुछ छोड़कर सुधीर कैसे देश-विदेश में मैच देखने पहुंच जाते हैं। खर्चा कहां से आता है कैसे उनका घर चलता है। तो बता दे ऐसे में उनका परिवार ही उनका सबसे बड़ा सपोटर रहा है।
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1700Km साइकिल चलाकर मुजफ्फरपुर से मुंबई पहुंचे थे सुधीर कुमार चौधरी
सुधीर कुमार चौधरी सचिन के सबसे बड़े फैन यूं ही नहीं कहे जाते। साल 2003 में आज ही के दिन हर किसी की जुबान पर सचिन तेंदुलकर के जन्मदिन की बधाई के साथ-साथ एक और नाम काफी सुर्खियां बटोर रहा था। यह नाम था सुधीर कुमार चौधरी का था, जो सचिन के जन्मदिन पर उन्हें बधाई देने बिहार के मुजफ्फरपुर से मुंबई 1700 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे थे। इस दौरान मुंबई साइकिल से जाने का उनका एकमात्र उद्देश्य सचिन को जन्मदिन की बधाई देना था।
क्रिकेट के लिए 3 नौकरियां छोड़ चुके हैं सुधीर कुमार चौधरी
सुधीर चौधरी दुनियाभर में भारतीय क्रिकेट टीम का खेल देखने जाते हैं। आलम ऐसा है कि क्रिकेट देखने के लिए अब तक वह 3 नौकरियां भी छोड़ चुके हैं। पासपोर्ट बनवाने और टीम इंडिया के साथ विदेश यात्रा करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे भी नहीं होते थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पहले मुजफ्फरपुर के सुधा डेयरी की नौकरी छोड़ दी। फिर उसके बाद साल 2004 में शिक्षामित्र की नौकरी छोड़ दी।
बात यहीं खत्म नहीं हुई…इसके बाद जब उन्हें फिजिकल टेस्ट और प्रिलिमनरी एग्जाम पास करने के बाद इंडियन रेलवे के टिकट कलेक्टर की जॉब मिली, लेकिन इसी दौरान उनके प्रशिक्षण लेने की तारीखें भारत-पाकिस्तान के मैच से मैच खा रही थी। इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ भारत-पाकिस्तान मैच देखने जाना ज्यादा जरूरी समझा।