बाइक के पीछे की सीट पर सवारी करने वाले के लिए सरकार ने बदला नियम, जानिये क्या हैं नए गाइडलाइन

Written by: Manish Kumar | biharivoice.com • 04 अगस्त 2021, 10:07 पूर्वाह्न

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और आम बाइक पर सवारी कर रहे सवारो की हिफाजत के लिए सरकार ने अब तक के अब तक चले आ रहे नियम मे कुछ बदलाव किए हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से यात्रा करते समय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए नियम बनाए हैं। बाइक चलाने वाले और बाईक की पीछे की सीट पर बैठकर यात्रा करने वालों के लिए गाइडलाइन जारी किए गए हैं। अब से ड्राइवर के पीछे की सीट पर बैठने वाले को इन नियमों का पालन करना होगा। क्या कुछ नया गाइडलाइन जारी किया गया है, उसे हम आपको बिन्दुवार बता रहे हैं:

ड्राइवर की सीट के पीछे हैंड होल्ड

मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक अब बाइक के पीछे के सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड लगाना अनिवार्य् कर दिया गया है। ऐसा बाईक के पीछे बैठे सवारी की सुरक्षा के लिए किया गया है। बाइक ड्राइवर के अचानक ब्रेक मारने पर में हैंड होल्ड काफी मददगार साबित होता है। फिलहाल तक ज्यादातर बाइक में ये सुविधा नहीं है लेकिन अब नियम जारी होने पर यह जरुरी होगा। इसके साथ ही बाइक के पीछे बैठने वाले सवारी के लिए दोनों तरफ पायदान को अनिवार्य किया गया है। बाइक के पिछले पहिए के बाएं हिस्से को सुरक्षित तरीके कवर करना भी गाइडलाइन मे शामिल है। इससे यह होगा कि पीछे बैठने वालों के कपड़े पिछले पहिए मे नहीं फसेंगे।

हल्का कंटेनर लगाने के भी दिए गए हैं दिशानिर्देश

मंत्रालय द्वार बाइक में हल्का कंटेनर लगाने के लिए भी कहा गया है और इसकी पूरी गाइडलाइन जारी की गई है। बाइक मे लगाए जाने वाले कंटेनर की लंबाई 550 मिमी, चौड़ाई 510 मिली और ऊंचाई 500 मिमी से ज्यादा नही होनी चाहिए। कंटेनर को पिछली सवारी के स्थान पर लगाने की स्थिति मे सिर्फ ड्राइवर ही बाइक पर सवार रहेगा। यानी कि ड्राइवर के अतिरिक्त कोई दूसरी सवारी बाइक पर नहीं होगी। अगर कोई दूसरा सवारी बाइक पर बैठती है तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। और उसे दण्डित किया जाएगा। लेकिन पिछली सवारी की जगह कंटेनर पीछे लगाने की स्थिति में दूसरे व्यक्ति को बाइक पर बैठने की इजाजत होगी।

टायर को लेकर भी नई गाइडलाइन

हाल ही में सरकार के द्वारा टायर को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की गई है। अधिकतम 3.5 टन वजन तक के वाहनों के लिए टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम का सुझाव रखा गया है। इस सिस्टम से फायदा यह होता है कि सेंसर को लेकर ड्राइवर को ये समझ मे आ जाता है कि गाड़ी के टायर में हवा कितनी है। इसके साथ टायर की मरम्मत के लिए किट होना भी जरूरी कर दिया गया है।

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Manish Kumar

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