शैम्पू ,ऑप्टिक फाइबर समेत ये खास 08 आविष्कार जो भारत ने दुनिया को दिए

Written by: Manish Kumar | biharivoice.com • 04 जुलाई 2021, 9:37 पूर्वाह्न

भारत हमेशा से आविष्कारों की धरती रहा है। चाहे वह शून्य का आविष्कार हो या फिर दशमलव का। भारतीय वैज्ञानिकों ने दुनिया को कई महत्वपूर्ण आविष्कार दिए हैं जो लोगों की जिदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज ऐसे ही कुछ आविष्कार के बारे में बात करेंगे जो भारत के वैज्ञानिक ने दुनिया को दिए।

शुन्य

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गणित में शुन्य का बहुत महत्व है इसे गुना, भाग, जोड़ घटाने में इस्तेमाल किया जाता है। जटिल समीकरण, कैलकुलस और कंप्यूटर के अविष्कार में जीरो ने अहम रोल निभाया।

योग

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योग लोगों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। भारत से निकलकर योग ने दुनिया भर में जगह बनाई है। भारतीय इतिहास में वैदिक काल से पहले से योग को जोड़ा जाता है। बौद्ध, हिंदू और जैन धर्म से इसका जुड़ाव काफी गहरा हैं। पिछले कुछ सालों से पूरी दुनिया में योग दिवस मनाया जाता है ये भारत की ही देन है।

शैम्पू

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15 वी शताब्दी में भारत में प्राकृतिक तेल आंवला और अन्य जड़ी बूटी को मिलाकर बालों में लगाने के लिए शैंपू तैयार किया गया था। आपको बता दें कि शैंपू शब्द चंपू से निकला है जिसका मतलब होता है मालिश। बाद में ब्रिटिश व्यापारी यूरोप में शैंपू को लेकर गए हालांकि यूरोप के लोगों को शैंपू का इस्तेमाल करने में 1 अरसा लग गया।

बटन

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बिना बटन के कपड़ों की परिकल्पना नहीं की जा सकती। पहले के बटन को कभी भी एक लाइन से नहीं लगाया जाता था। कहां जाता है की सजावट के तौर पर एक बटन का इस्तेमाल किया जाता था। 13वीं शताब्दी में जर्मनी ने कामकाजी बटन का इस्तेमाल किया था। आपको बता दे सिंधु घाटी सभ्यता में बटन के सबसे पहले इस्तेमाल किए जाने के सबूत मिले हैं। करीब 5000 साल पुराने यह बटन एक उभरे हुए सीप से बनते थे।

फ्लश टॉयलेट

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पहली बार इस तरह के टॉयलेट का इस्तेमाल सिन्धु घाटी की सभ्यता के लोगों ने किया था। पांचवी शताब्दी ईस्वी तक रोमन शासनकाल में इसी तरह के टॉयलेट का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि यह टॉयलेट आज आज के टॉयलेट से काफी अलग था। लेकिन इसमें भी तेजी से पानी बेहतर मल को साफ करने का सिस्टम था। रोमन शासन गिरने के बाद इस फ्लश के सिस्टम को बंद कर दिया गया था।

सांप और सीढ़ी का खेल

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सांप और सीढ़ी के खेल का आविष्कार भारत में ही हुआ था। भारत में अभी यह खेल खेला जाता है। हालांकि वीडियो गेम्स आने के बाद इन खेलों की लोकप्रियता कम हो गई है और धीरे-धीरे यह दम तोड़ती नजर आ रही है। किसी जमाने में यह इंग्लैंड का मनपसंद खेल कहा जाता था। पुराने ज़माने में बच्चों को अच्छाई और बुराई का मतलब इसी खेल के जरिए दिखाया जाता था। सीढ़ियां अच्छाई का प्रतीक थी और सांप बुराई का। 19वीं शताब्दी के अंत में जब इस खेल ने यूरोपीय बाजार में दखल दिया तो इससे जुड़े नैतिक पहलुओं को लगभग हटा दिया गया।

रेडियो

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जैसा कि हम सभी जानते हैं कि मारकोनी को वायरलेस की खोज में उनके योगदान के लिए  भौतिकी के नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। लेकिन भारतीय वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बोस ने उनसे पहले ही रेडियो प्रसारण का खोज कर लिया था। मारकोनी ने कहा था कि बोस अपने समय 60 साल आगे थे।

फाइबर ऑपटिक्स

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हम जो भी इंटरनेट पर सर्च करते हैं या फिर वीडियो देखते हैं वह फाइबर ऑप्टिक्स के बगैर संभव ही नहीं है। दरअसल फाइबर ऑप्टिक्स समुद्र के नीचे हजारों लाखों किलोमीटर दूर-दूर तक फैले होते हैं। फाइबर ऑप्टिक्स कांच या किसी पारदर्शी सोडल के लचीले टुकड़े होते हैं जो सिर के बाल जितने पतले होते हैं। भारत के डॉ. नरिन्दर सिंह कापानी को फाइबर ऑपटिक्स टेक्नोलॉजी का पिता कहा जाता है।

USB (Pen Drive)

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यूएसबी का लोगों के जिंदगी में बड़ा महत्व रहा है कोई भी डाटा ट्रांसफर करनी हो या फिर कलेक्ट करना हो उसके लिए यूएसबी की जरूरत होती है। USB में एक साथ कई फिल्में गाने और कई तरह के डॉक्यूमेंट रख सकते हैं। 90 के दशक में अजय भट्ट और उनकी टीम ने एक ऐसे डिवाइस पर काम करना शुरू किया जो दशक के अंत तक कंप्यूटर कनेक्टिविटी के लिए एक अहम साधन बन गया था।

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Manish Kumar

पिछले 5 सालों से न्यूज़ सेक्टर से जुड़ा हुआ हूँ। इस दौरान कई अलग-अलग न्यूज़ पोर्टल पर न्यूज़ लेखन का कार्य कर अनुभव प्राप्त किया। अभी पिछले कुछ साल से बिहारी वॉइस पर बिहार न्यूज़, बिजनस न्यूज़, ऑटो न्यूज़ और मनोरंजन संबंधी खबरें लिख रहा हूँ। हमेशा से मेरा उद्देश्य लोगो के बीच सटीक और सरल भाषा मे खबरें पहुचाने की रही है।