एक ही परिवार से चार बहन-भाइयों तीन साल के अंदर निकाल लिया UPSC एक्जाम

कहते है जब बच्चे कुछ अच्छा कर दिखाते है तो सबसे ज्यादा खुशी उनके माँ-बाप को होती है। दुनिया में जब बच्चे अपना नाम बनाते है तो माँ बाप का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ है उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रहने वाले मिश्रा परिवार के साथ, जिनके चारों बच्चों ने तीन साल के अंदर यूपीएससी की सिविल सर्विसेज एग्जाम को क्लियर कर लिया है। प्रतापगढ़ के लालगंज में रहने वाले लोकेश मिश्रा और उनके एक भाई योगेश और दो बहनें क्षमा और माधवी ने 3 साल के भीतर इस कठिन परीक्षा को पास कर आईएस का पद हासिल कर लिया है जिसके बाद उनके माँ-बाप के खुशी का कोई ठिकाना नही है।

पापा करते थे बैंक मे काम

इन बच्चों के पिता अनिल मिश्रा जो कि पेशे से एक बैंक मैनेजर है, वो अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दो कमरों के घर में रहते थे। जैसे-जैसे लोकेश, योगेश, क्षमा और माधवी बड़े होते गए, चारों आपस में एक बेहद ही नार्मल रिश्ता साझा करते गए साथ ही चारों पढ़ाई में भी काफी अच्छे थे। धीरे धीरे समय बीतने के साथ चारों ने यह फैसला लिया कि उन्हें सिविल सेवा में जाना हैं।

जिसके बाद साल 2013 में सबसे पहले योगेश ने अपनी परीक्षा पास की और उसी साल रिज़र्व लिस्ट में सेलेक्ट भी हो गए। उनकी यह कामयाबी उनके तीनों भाई-बहनों के लिए प्रेरणा बन गई। फिर योगेश के बाद माधवी ने साल 2014 में CSE का एग्जाम दिया और ऑल इंडिया 62वां हासिल किया। इसी लिस्ट में लोकेश ने भी बाजी मारी लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा दिखाते हुए एक और बार परीक्षा देने का फैसला किया।

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IIT से अपनी इंजीनिरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके लोकेश के लिए उनकी यह डिग्री काफी मददगार साबित हुई क्योंकि इस कारण उनकी सीएसई-प्रिलिम्स की परीक्षा आसानी से पार हो गई। लेकिन फिर भी उन्होंने साल 2015 में इसका दूसरा एटेम्पट दिया और ऑल इंडिया 44 रैंक हासिल किया। मिश्रा परिवार के लिए साल 2015 बेहद खास था क्योंकि इसी साल चारों भाई बहनों में सबसे छोटी क्षमा ने भी CSE क्लियर कर आल इंडिया 172वां रैंक प्राप्त किया।

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वही चारों भाई बहनों की कामयाबी पर क्षमा का कहना है कि हम सभी को एक दूसरे पर बहुत विश्वास था और हम सभी एक दूसरे का बेहद ख्याल भी रखते हैं। यह जो सफलता उन्हें मिली है वो उनकी मेहनत, लगन और विश्वास का नतीजा है।

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