RCP Singh: 9 साल…58 प्लाट… 800 कट्ठा जमीन, खरीदारों में पत्नी से लेकर IPS बेटी लिपि सिंह का नाम

Written by: Kavita Tiwari | biharivoice.com • 07 अगस्त 2022, 1:10 अपराह्न

बिहार की राजनीति में इन दिनों जेडीयू की अंदुरुनी कलह बढ़ती जा रही है। इस कड़ी में जेडीयू ने नीतीश कुमार के राइट हैंड कहे जाने वाले आरसीपी सिंह (RCP Singh) को नोटिस भेजा है, जिसमें बताया गया है कि परिवार के नाम पर 9 साल में 58 प्लॉट की रजिस्ट्री हुई है यानी बीते 9 साल में करीबन 800 कट्ठा जमीन आरसीपी सिंह ने खरीदी है। जेडीयू ने इस दौरान भ्रष्टाचार के मामले में आरसीपी सिंह का घेराव करते हुए कई चौका देने वाले खुलासे किए। साथ ही जेडीयू की ओर से यह भी सवाल किया गया कि आखिर इतने कम समय में इतनी संपत्ति कहां से अर्जित की गई…पैसा कहां से आया? जेडीयू द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों में खरीदारों के लिस्ट में आरसीपी सिंह की बेटी आईपीएस लिपि सिंह का नाम भी शामिल है। जेडीयू के इस खुलासे ने बिहार की राजनीति में खलबली मचा दी है।

आरसीपी सिंह को लेकर जेडीयू ने किया बड़ा खुलासा

जेडीयू ने अपने इस दावे से के साथ कई दस्तावेज भी जारी किए हैं, जिसमें उन्होंने इस लिस्ट में आरसीपी की बेटी आईपीएस लिपि सिंह के नाम का भी पूरा ब्यौरा दिया है। इस दौरान जेडीयू ने आरोप लगाया है कि बीते 9 साल में सिर्फ नालंदा जिले में 40 बीघा जमीन की खरीद की गई है। ऐसे में उम्मीद है कि इनकी दूसरे जिले में और भी संपत्ति हो सकती है। जेडीयू के मुताबिक खरीदी गई जमीन की रजिस्ट्री आरसीपी सिंह की पत्नी गिरिजा देवी और उनकी बेटी आईपीएस अफसर लिपि सिंह और लता सिंह के नाम पर है।

चुनावी हलफनामे में नहीं दी थी जानकारी

जेडीयू ने इन खुलासों के साथ ही यह भी बताया है कि आरसीपी सिंह ने अपने चुनावी हलफनामे में इन संपत्तियों का जिक्र नहीं किया था। ऐसा क्यों है…? अगर उनके पास इतनी संपत्ति है, तो उन्होंने इसका जिक्र क्यों नहीं किया? बीते 9 सालों में इतनी संपत्ति खरीदने का पैसा कहां से आया? जेडीयू के मुताबिक नालंदा जिले के इस्लामपुर अंचल के सैफाबाद मौजा में 12 और केवाली अंचल में 12 प्लॉट की रजिस्ट्री आरसीपी सिंह और उनके परिजनों के नाम पर दर्ज है। रिकॉर्ड के मुताबिक ये प्लॉट उनकी बेटियों लिपि सिंह और लता सिंह के नाम पर खरीदी गए थे। इनमें से ज्यादातर प्लॉट उनकी बेटी लिपि सिंह और लता सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है जेडीयू के आंकड़ों के मुताबिक रजिस्ट्री साल 2013 और 2016 के बीच में हुई है।

इसके अलावा आस्थावां के शेरपुर मालती मौजा में भी आरसीपी परिवार के नाम पर 33 प्लॉट की रजिस्ट्री की गई है, जिनमें से 4 प्लॉट लिपि सिंह और लता सिंह के नाम पर खरीदे गए हैं। साथ ही इसमें एक बात और ध्यान देने वाली है कि इन संपत्तियों में पिता के तौर पर आरसीपी का ही नाम लिखा हुआ है, जिनके अलावा 12 प्लॉट के लिए रजिस्ट्री उनकी पत्नी गिरिजा देवी के नाम पर है। साथ ही अन्य 18 प्लॉट उनकी दूसरी बेटी लता सिंह के नाम पर है।

आरपीसी ने कब और कितने खरीदें

जोडीयू द्वारा जारी दस्तावेजों में दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक साल 2015 में महमदपुर में एक प्लॉट उनकी पत्नी गिरिजा देवी के नाम पर खरीदा गया है। इसके बाद साल 2011 में 2 प्लॉट, साल 2013 में दो प्लॉट, साल 2014 में 5 प्लॉट, साल 2017 में एक प्लॉट, साल 2018 में 3 प्लॉट, साल 2019 में 4 प्लॉट, साल 2020 में 3 प्लॉट, साल 2021 में 6 प्लॉट और साल 2022 में अब तक 2 और नए प्लॉट खरीदे जा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर प्लॉट आईपीएस लिपि सिंह और लता सिंह के नाम पर है।

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Kavita Tiwari

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