अलाउद्दीन खिलजी से क्यों हो रही आदिपुरुष के रावण की तुलना, जानें मुस्लिम शासक संग तुलना की वजह

Written by: Kavita Tiwari | biharivoice.com • 04 अक्टूबर 2022, 12:32 अपराह्न

Adipurush Ravan vs Ramayan Ravan: साउथ के सुपरस्टार प्रभास (Prabas) की फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) का टीजर रिलीज (Adipurush Release Date) हो चुका है।

Adipurush Ravan vs Ramayan Ravan: साउथ के सुपरस्टार प्रभास (Prabas) की फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) का टीजर रिलीज (Adipurush Release Date) हो चुका है। इस फिल्म के टीजर के रिलीज होने के साथ ही एक नया हंगामा शुरू हो गया है, जहां लाखों लोग इसे पसंद कर रहे हैं तो वही करोड़ों की तादाद में ऐसे भी लोग हैं जो इसे लेकर नेगेटिव कमेंट कर रहे हैं। फिल्म आदिपुरुष में इस्तेमाल हुए एनिमेशन विजुअल इफेक्ट्स और कैरेक्टर्स लोगों को पसंद नहीं आ रहें। फिल्म की कास्टिंग को लेकर भी काफी अलग-अलग तरह के रिएक्शन आ रहे हैं। फिल्म में रावण की भूमिका में नजर आए सैफ अली खान (Saif Ali Khan As ravan) को लेकर लोगों का कहना है कि वह रावण के लुक की तुलना में मुस्लिम शासक अलाउद्दीन खिलजी (Alauddin Khilji) लग रहे हैं।

क्या है रावण और अलाउद्दीन खिलजी विवाद

सैफ अली खान का फिल्म आदिपुरुष में लुक देखकर लोग काफी भड़क गए हैं और उनकी तुलना मुस्लिम शासक अलाउद्दीन खिलजी से कर रहे हैं। ऐसे में आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर कौन है अलाउद्दीन खिलजी और क्यों हो रही है रामायण के रावण से उसकी तुलना… हालांकि रावण और अलाउद्दीन की तुलना करना एक बेहद गैर जरूरी और गैर जिम्मेदाराना बयान रखता है।

सोशल मीडिया पर इस समय आदिपुरुष के हैशटेग के साथ लोग लगातार फिल्म में रावण के किरदार को लेकर अलग-अलग तरह के रिएक्शन देते नजर आ रहे हैं। ऐसे में जहां एक ओर लोग इस फिल्म में नजर आ रहे सैफ अली खान के लुक की तुलना अलाउद्दीन खिलजी से कर रहे हैं, तो वहीं लोगों का कहना है कि इस लुक में रावण का किरदार निभाना गलत है।

कौन है अलाउद्दीन खिलजी

अलाउद्दीन खिलजी का जन्म 1260 से 1275 के बीच का माना जाता है। अलाउद्दीन खिलजी का असल नाम अली गुरशास्प उर्फ जूना खान खिलजी था। खिलजी के पिता शाहिबुद्दीन मसूद थे। पिता की मौत के बाद अलाउद्दीन का लालन-पालन उनके चाचा और खिलजी वंश के प्रथम सुल्तान रहे जलालुद्दीन फिरुज खिलजी ने किया था। जलालुद्दीन ने अपनी बेटियों का विवाह अलाउद्दीन खिलजी और उसके छोटे भाई अलमास बेग के साथ कर दिया था। खिलजी ने कई शादियां की थी। 1302 से लेकर 1303 तक में अलाउद्दीन खिलजी ने राजपूत राजा रतन सिंह के राज्य चित्तौड़गढ़ पर भी आक्रमण किया था। कुछ इतिहासकारों का कहना है कि हमले के पीछे चित्तौड़गढ़ के राजा रतन सिंह की खूबसूरत पत्नी रानी पद्मावती थी।

क्रुरता के लिए प्रसिद्ध था अलाउद्दीन खिलजी

अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली की सियासत पर अपना कब्जा जमाने के लिए अपने राज्य की सीमाओं का विस्तार करना शुरू कर दिया था। अलाउद्दीन खिलजी बहुत ही महत्वकांशी राजा था। वह अपने आपको दूसरा सिकंदर कहता था और यहीं वजह थी कि उसे सिकंदर-ए-सानी की उपाधि भी दी गई थी। इसके बाद अलाउद्दीन खिलजी ने अपने विश्वासपात्र सेनापति मलिक काफूर की मदद से दक्षिण भारत पर भी विजय हासिल कर ली थी।

कहा जाता है कि अलाउद्दीन खिलजी का शासन काल मंगोलों के आक्रमण के लिए जाना जाता है। खिलजी ने मंगोलों से निपटने के लिए बलबन की लौह और रक्त की नीति को अपनाया था। अलाउद्दीन खिलजी ने 1298 में मंगोल को जालंधर, 1299 में किल्ली 1305 में अमरोहा और 1306 में रवि की लड़ाइयां लड़ते हुए सभी को जीत लिया था। इस दौरान मंगोल के सैनिकों में से कुछ एक ने अलाउद्दीन खिलजी का विद्रोह किया, तो अलाउद्दीन खिलजी ने प्रशासन विद्रोह का उन्हें दंड दिया।

अपने लंबे शासनकाल के आखिरी चार-पांच सालों में अलाउद्दीन खिलजी कमजोर हो गया था। आखिर के सालों में शासन की पूरी कमान मलिक कफूर के हाथों में चली गई थी। माना जाता है कि मालिक कफूर ने ही अलाउद्दीन खिलजी की हत्या भी करवाई थी।

रावण को सबसे बड़ा ज्ञानी कहा जाता था

महा ऋषि विश्वा के पुत्र रावण को ज्ञान का भंडार कहा जाता था। रावण एक बहुत बड़ा विद्वान, कुशल राजनीतिज्ञ, वस्तु कला और ज्ञान-विज्ञान सहित कई ग्रंथों का ज्ञाता माना जाता है। रावण ने अपनी सिद्धि और अपने तपोबल से कई मायावी शक्तियां प्राप्त की थी। यही वजह थी कि रावण के पास इंद्रजाल तंत्र मंत्र सम्मोहन से लेकर कई तरह के जादू का ज्ञान था।, रावण ने शिव तांडव स्त्रोत अरुण संहिता और रावण संहिता की रचना की थी।

रावण भले ही अधर्मी रहा हो, लेकिन भगवान शिव की भक्ति में वह इस कदर वीन रहता था कि भगवान शिव ने रावण को अपने सबसे बड़े भक्त की उपाधि दी थी। रावण को यह वरदान प्राप्त था कि उसे देव, दानव, यक्ष, गंधर्व और किन्नर कोई भी नहीं मार सकता। कहा जाता है कि उसके समान विद्वान पंडित पूरे विश्व में न पैदा हुआ था, ना पैदा हुआ है और ना ही कभी पैदा होगा…

भगवान ब्रह्मा का वंशज है रावण

रावण को भगवान ब्रह्मा का वंशज कहा जाता है। ब्रह्मा जी के कई पुत्र थे ।ब्रह्मा जी के दसवें पुत्र अनाम प्रजाति पुल्तस्य था। रावण के पिता ऋषि विश्वा थे, जोकि बहुत बड़े महान ज्ञानी पंडित थे। वह धर्म के रास्ते पर ही चलते थे। ब्रह्मा के वंशज होने के कारण ही रावण को भगवान ब्रह्मा जी का पोते माना जाता था।

विवादों में आदिपुरुष

ओम रावत के डायरेक्शन में बनी प्रभास स्टारर फिल्म आदिपुरुष में प्रभास भगवान राम, सैफ अली खान लंकेश रावण और कृति सेनन माता सीता का किरदार निभाती नजर आएंगी। आदिपुरुष को हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ भाषा में रिलीज किया जा रहा है। यह फिल्म सिनेमाघरों 3डी में रिलीज की जाएगी। फिलहाल फिल्म रिलीज से पहले ही दशहरे के मौके पर विवादों में घिरते नजर आ रही है।

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Kavita Tiwari

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