Monday, February 6, 2023
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बर्थडे स्पेशल: जाने कैसे क्रिकेट खेलते खेलते राजनीति मे एंट्री लिए तेजस्वी यादव।

आज राजद के मुख्यमंत्री उम्मीदवार और लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव का बर्थडे है। रैलियों में उनके द्वारा यह कहा जाता था कि 9 नवंबर को मेरा बर्थडे है और 9 नवंबर को ही मेरे पापा लालू यादव जेल से रिहा होंगे और 10 नवंबर को मेरी सरकार बनेगी, परंतु उनके पिता अभी रिहा नहीं हो पाए। कल बिहार के चुनाव की गिनती होने वाली है और पता चल जाएगा कि कल बिहार में किसकी सरकार बनेगी। ऐसे आज तेजस्वी यादव ने अपना 130 वां जन्मदिन मना रहे हैं। जिस तरह से लालू यादव की गैरमौजूदगी में उन्होंने पार्टी की कमान संभाली और चुनाव प्रचार किया लोगों को तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर काफी भरोसा दिख रहा है।

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बचपन से क्रिकेट का शौक

पर क्या आप जानते हैं तेजस्वी यादव राजनीति में आने से पहले क्रिकेट खेला करते थे। वह अंदर 16 टीम के कैप्टन भी रह चुके है, इतना ही नहीं विराट कोहली भी इनके कैप्टनशिप के अंदर खेल चुके हैं। दरअसल तेजस्वी यादव पहले ऐसा कभी नहीं सोचे थे कि वह राजनीति में आएंगे और राजनीति में आने के बाद इतना बड़ा कृतिमान स्थापित करेंगे, लेकिन वक्त कब क्या करा दे कौन जानता है! आज  तेजस्वी यादव क्रिकेट की दुनिया को छोड़ राजनीति में अच्छा बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है, हो सकता है कल को वह बिहार के मुख्यमंत्री भी बने, जैसा की एग्जिट पोल में नतीजा दिखा रहे हैं। ऐसे इसके पहले तेजस्वी यादव बिहार के डिप्टी सीएम रह चुके हैं।

तेजस्वी यादव को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का काफी शौक था। जब लालू यादव मुख्यमंत्री थे तब उन्होने तेजस्वी यादव की मुलाकात सबा करीम से कराई थी और वहीं से तेजस्वी यादव की ट्रेनिंग शुरू हो गई थी, आगे जाकर तेजस्वी यादव ने अंडर-19 टीम में भी क्रिकेट खेली। परंतु क्रिकेट मे तेजस्वी यादव उतना जलवा नहीं दिखा पाये ।

ऐसे हुई राजनीतिक मे एंट्री

तेजस्वी यादव की राजनीतिक एंट्री 2015 की विधानसभा में हुई। 2015 के विधानसभा में तेजस्वी यादव ने राधोपुर से विधायक चुने गए थे, यह उनका पहला ही चुनाव था। उस समय नीतीश कुमार और लालू यादव ने मिलकर चुनाव लड़े थे। चुनाव में महागठबंधन की जीत मिली थी, जीत के बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। परंतु  2 साल भी नहीं हुए और नीतीश कुमार फिर से महागठबंधन से अपना रिश्ता तोड़ बीजेपी के साथ चले आए। तेजस्वी यादव मात्र 16 महीने ही उपमुख्यमंत्री की गद्दी पर रह पाए। उसके बाद उनको कुर्सी छोड़नी पड़ी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी संभाले।

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लग चुका है भ्रष्टाचार का भी आरोप

तेजस्वी यादव इस छोटे से राजनीतिक कार्यकाल में भ्रष्टाचार का भी आरोप लग चुका है। तेजस्वी यादव को आईआरसीटीसी लैंडस्कैम में इनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। 2018 में इन्हें इससे बेल गयी। मामला पटना में 3 एकड़ जमीन से जुड़ा हुआ है, इस जमीन पर एक मॉल प्रस्तावित है, लालू यादव पर आरोप है कि 2006 में रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने एक निजी कंपनी को होटल चलाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया था और उसी के बदले यह प्लॉट तेजस्वी को दिया गया था।

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