महज 6 साल की उम्र से ईशान ने मोइनुल हक स्टेडियम से शुरू किया था खेलना, गिलक्रिस्ट को देख सीखे बैटिंग

भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे यंग बल्लेबाज ईशान किशन ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जबरदस्त पारी खेल एक इतिहास रच दिया। उन्होंने अपने पहले डेब्यू मैच में अर्धशतक जड़ रिकॉर्ड कायम किया है। अपने पहले मैच में कमाल का प्रदर्शन करने वाले ईशान जब दूसरे मैच के लिए मैदान में उतरेंगे तो सबकी निगाहें उन पर ही टिकी होंगी। ऐसे में आज हम आपको उनके शुरुवाती दिनों के बारे में बताने जा रहे है जो शायद ही किसी को मालूम होगा।

बहुत कम लोगों को यह पता होगा कि ईशान किशन ने महज 6 साल की उम्र में अपने हाथों में बल्ला पकड़ा था और अमीकर दयाल ही वो शख्स हैं जिन्होंने ईशान के हाथों में बल्ला पकड़ाया था. यही वो उम्र थी जब ईशान अपने पिता के साथ पटना के मोइनुल हक स्टेडियम पहुंचे और सालों साल अमीकर दयाल के क्रिकेट अकेडमी में नेट प्रैक्टिस किया.

जिस मुकाम पर आज ईशान किशन पहुंचे है उसके पीछे कही ना कही ईशान की कड़ी मेहनत के साथ उनके गुरु अमीकर दयाल का हाथ है. अमीकर दयाल को आज अपने शिष्य पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है क्यूंकि उनके सानिध्य में क्रिकेट का गुर सीखने वाला उनका स्टूडेंट देश और बिहार का नाम रौशन कर रहा है. अपनी ख़ुशी जाहिर करते हुए अमीकर दयाल ने कहा कि वह बेहद खुश हैं पर उन्हें तब और ज्यादा खुशी होगी जब T20 के बाद ईशान भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम का हिस्सा बन उसमे शामिल होंगे.

ईशान के गुरु जी भी हैंडेड

आपको बतादें कि ईशान लेफ्ट हैंडेड बैट्समैन हैं और उनके गुरु भी लेफ्ट हैंडेड ही रहे हैं और इस बात का कही ना कही ईशान को खूब फायदा भी हुआ हैं. बहुत कम लोग यह जानते है कि अमीकर दयाल बिहार क्रिकेट का बड़ा नाम हैं जिन्होंने ईशान कि तरह ही कई लोगों को क्रिकेट सिखाया हैं. ईशान के बारे में अमीकर ने बताया कि ईशान ने करीब 17 सालों तक जमकर नेट में प्रैक्टिस किया है और अपना पसीना बहाया है. इतना ही नहीं जब सारे खिलाड़ी चले जाते थे तो ईशान अपनी कमियों को सुधारने के लिए घंटों नेट प्रैक्टिस किया करते थे.

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नेट प्रैक्टिस के दौरान बॉलिंग करने वाले साकेत ने कहा

ना सिर्फ ईशान के गुरु बल्कि ईशान के दोस्त और उनके परिवार वालें भी उनके बेहतरीन प्रदर्शन से बेहद खुश और गर्वान्वित हैं. ईशान के साथ मोइनुल हक स्टेडियम में नेट प्रैक्टिस करने वाले उनके दोस्त साकेत और सचिन की खुशी का ठिकाना नहीं हैं. उनके दोस्त साकेत कहते हैं कि उन्हें बेहद खुशी है कि ईशान को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में मिला. उन्होंने आगे कहा कि ईशान ने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर खुद को सबके सामने साबित किया है, उन्होने न सिर्फ अपने राज्य बिहार, बल्कि अपने क्रिकेट अकेडमी का भी नाम रौशन किया है.

उनके दोस्त सचिन ने कहा

आपको बता दें कि सचिन ईशान के सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं जो नेट प्रैक्टिस के साथ-साथ निजी जिंदगी में भी ईशान के साथ वक्त बिताते हैं. मैच में उनके जबरदस्त प्रदर्शन के बाद सचिन ने ईशान को फ़ोन कर बधाई भी दी थी. सचिन ने कहा कि आस्ट्रेलिया के विकेटकीपर और लेफ्ट हैंडेड बैट्समैन “एडम गिलक्रिस्ट” उनके आदर्श रहे हैं, ईशान एडम को टेलीविजन पर देखकर ही क्रिकेट खेलना शुरू किया था. सचिन भी रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं और उनका अब एक ही सपना है कि अपने दोस्त की तरह वो भी भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनें.

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