आउटर क्या होता है, सही समय पर पहुंचने के बाद भी ट्रेन वहां क्यों रोका जाता है, नहीं पता होगा इसकी सही जानकारी

Written by: Kavita Tiwari | biharivoice.com • 13 अगस्त 2023, 12:37 अपराह्न

Indian Railway Outer Signal: आउटर पर ट्रेन को क्यों रोका जाता है? क्या है आउटर के नियम और कौन करता है ट्रेन को आउटर पर रोकने का फैसला?

Indian Railway Outer Signal: भारतीय रेलवे से हर दिन लाखों की तादाद में लोग सफर करते हैं। ऐसे में रेलवे विभाग अपने यात्रियों के सफर को आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के लिए तमाम कोशिश करती है, लेकिन कभी-कभी ऐसा देखा जाता है कि ट्रेन जैसे ही स्टेशन पर पहुंचने वाली होती है वैसे ही उसे आउटर पर रोक दिया जाता है। इस दौरान कभी-कभी तो यहां पर ट्रेन को 1 या 2 घंटे तक खड़ा किया जाता है, जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में कई बार यात्री परेशान होकर ट्रेन ड्राइवर से बहस भी करने लगते हैं, लेकिन क्या आप इसके पीछे की वजह उसका ड्राइवर नहीं बल्कि आउटर ही होता हैं।

किसी भी ट्रेन को चलाने का रूट या उसे रोकने को लेकर ड्राइवर कभी फैसला नहीं लेता। नियम के मुताबिक जब भी सिग्नल लाल नजर आता है तो ड्राइवर को ट्रेन वहीं पर रोकनी पड़ती है। वह उसे आगे नहीं बढ़ा सकता। ऐसे में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें आउटर का मतलब नहीं पता होता। ना ही ये पता है कि आउटर पर ट्रेन को क्यों रोका जाता है? और क्यों इसे आउटर कहा जाता है? क्या है आउटर के नियम और कौन करता है ट्रेन को आउटर पर रोकने का फैसला? आईये इस बारे में हम आपको डिटेल में बताते हैं।

किसे कहते हैं आउटर (Indian Railway Outer Signal)?

भारतीय रेलवे के सभी ऐसे स्टेशन जहां पर सिग्नल केवल दो एस्पेक्ट के हो, वही आउटर सिग्नल लगाया जाता है। दो एस्पेक्ट सिग्नल का मतलब रेड और ग्रीन लाइन वाले सिग्नल से होता है। इसमें पीली लाइट नहीं दी जाती है। यह आमतौर पर बी क्लास ग्रेड वाले स्टेशन होते हैं। यहां होम सिग्नल से पहले आउटर सिग्नल लगाया जाता है। बता दे यह स्टेशन पर आने से पहले ट्रेन का पहला स्टॉप साइन होता है। इसे स्टेशन से कुछ तय लीमिट की दूरी पर बनाया जाता है। जब भी आउटर पर सिग्नल मौजूद नहीं होता, तो ट्रेन का पहला स्टॉपेज सिग्नल होम होता है। आउटर सिग्नल को होम सिग्नल से भी अच्छी-खासी दूरी पर बनाया जाता है।

आउटर को बनाने का उद्देश्य यह होता है कि अगर ट्रेन को होम से पहले कहीं रोकने की आवश्यकता पड़े तो उसे आराम दिया जा सके। इस एरिया को ब्लैक ओवरलैप भी कहा जाता है। जानकारों के मुताबिक मौजूदा समय में देश में बहुत कम ऐसे स्टेशन है, जहां से पहले आउटर सिगनल लगा हो।

आउटर पर क्यों रोकी जाती है ट्रेन?

बता दे जिस ट्रेन को जिस प्लेटफार्म पर ले जाना तय किया जाता है, अगर वहां पहले से कोई ट्रेन खड़ी हो तो उसके राइट टाइम पर पहुंचने पर भी उसे आउटर पर रोका जाता है। इस दौरान ट्रैक की कमी और ट्रेनों की बढ़ती संख्याओं के कारण ज्यादातर ट्रेनें अक्सर अपनी तय समय से लेट हो जाती है। इस स्थिति में बहुत सी ट्रेनों को आउटर पर रोक दिया जाता है।

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Kavita Tiwari

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