भारतीय सेना के लिए IIT कानपुर ने बनाया मात्र 4 किलो का हेलीकॉप्टर, अब नहीं बचेगें छिपे दुश्मन

Written by: Shubhangi Singh | biharivoice.com • 26 मार्च 2021, 7:32 अपराह्न

IIT कानपुर यह नाम सुनते ही हमारे जहन में अलग अलग प्रयोगों के ख्याल आने लगते है। यह संस्थान हमेशा से ही अपने अलग और अनोखे प्रयोगों के लिए जाना जाता है और इसी वजह से देश के ज्यादातर पेरेंट्स का यह सपना होता है कि उनके बच्चे इसी संस्थान से अपनी पढ़ाई पूरी करें। एक नए निर्माण के साथ IIT कानपुर एक बार फिर से चर्चे में है और इस बार चर्चे का कारण उनका नया हेलीकाप्टर है, जिसे उन्होंने भारतीय सेना को ध्यान में रखकर निर्माण किया हैं।

इस हेलीकाप्टर की मदद से भारतीय सेना आसानी से किसी भी मुश्किल मिशन को पार कर पायेगी। इतना ही नही इस हेलीकाप्टर की मदद से भारतीय सेना छुपे हुए दुश्मनों को भी ढूंढ निकाल सकती है। इस हेलीकाप्टर के निर्माण से कई तरह के काम करने में सक्षम हैं जैसे कि जरूरत के वक़्त भारतीय सेना इसका इस्तेमाल राहत व बचाव कार्य के लिए भी कर सकती है। इनसब चीजों से परे एक जो बेहद खास बात है वो यह है कि इस हेलीकाप्टर का वजन मात्र 4 किलो है और इसे IIT के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर अभिषेक ने बनाया है।

इस बात की जानकारी IIT कानपुर ने अपने ट्विटर एकाउंट से दी है। उन्होंने बताया कि एरो इंडिया 2021 में भाग लेने के लिए और भारतीय सेना को ध्यान में रखते हुए 4 किलो के इस हल्के हेलीकाप्टर का निर्माण किया गया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया है कि इस हेलीकाप्टर को IIT कानपुर के स्टार्टअप इंड्योरएयर हेलीकॉप्टर बेंगलुरु में आयोजित होने वाले एशिया के सबसे बड़े शो जिसका नाम है ‘एयरो इंडिया 2021’ में पेश किया गया तो यह हेलीकाप्टर इस शो का आकर्षण केंद्र रहा ।

यह सारी खास बातें

वही बात करें की तो उनके अनुसार इस हेलीकाप्टर में बचाव और सेना को ध्यान में रखते हुए कुछ कैमरे लगाए गए है जिसे सेंसर से जोड़ा गया है और इसकी खास बात यह है की 115 किलोमीटर की दूरी से भी यह कैमरा बड़ी आसानी से वीडियो डेटा भेज पायेगा। साथ ही इसमें भीड़ की निगरानी के लिए भी सेंसर लगाया गया है। अभिषेक ने आगे बताया कि अन्य हेलीकाप्टर की तरह यह हेलीकाप्टर टेक ऑफ या लैंडिंग नही करेगा बल्कि यह वर्टीकल टेक ऑफ और लैंडिंग कर किसी भी जगह से आसानी से उड़ान भर सकेगा। इसके अलावा यह हेलीकाप्टर माइनस 20 से 50 डिग्री सेल्सियस में भी आसानी से आ-जा सकेगा ।

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