Dr. APJ Abdul Kalam: डॉ एपीजे अब्दुल कलाम एक ऐसी शख्सियत… जिसे शब्दों में बयां कर पाना नामुमकिन है। अब्दुल कलाम ने अपने जीवन में ऊंचाइयों का एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसकी छवि हर किसी से अलग थी। उनकी कामयाबी, उनकी प्रसिद्धि, उनकी शख्सियत… उनके जीवन के आखिरी पलों तक ऊंचाइयों के मुकाम पर रही, लेकिन अब्दुल कलाम को हमेशा ही एक सरल और सादा जीवन जीते देखा गया।
फेमस था कलाम साहब का हेयर स्टाइल
अब्दुल कलाम के बाल काटने वाले हबीब अहमद के पास अब्दुल कलाम की कई यादगार कहानियां है, जिसका जिक्र कई बार कर चुके हैं। उन्होंने खुद बताया था कि अब्दुल कलाम जब भी बाल कटवाने आते तो हबीब कुछ सलाह देते… कि सर बाल ऐसे रखिए, अच्छा लगेगा.. जवाब में वह- नहीं ऐसे ही रहने दो। हबीब ने कहा- जब हम उनसे कहते आपके बाल सफेद हो गए हैं, इनकी चमक खत्म हो गई है। आपको कुछ करना चाहिए। तो इसके जवाब में कलाम जी कहते- नहीं हबीब ठीक तो लग रहे हैं। हबीब का कहना है कि उनको लेकर हमने उसे कभी नहीं कहा कि आप अपने हेयर स्टाइल चेंज कर लीजिए।
किससे की थी अब्दुल कलाम ने शादी?
अब्दुल कलाम के बाल काटने वाले हबीब ने उनकी जिंदगी से जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा बताया था। जब एक दिन अब्दुल कलाम हबीब अहमद के पास आए तो हबीब ने उनसे पूछा- सर आप ने शादी क्यों नहीं की… इसके जवाब में अब्दुल कलाम ने कहा- मिसाइल से शादी हो तो गई… हबीब ने कलाम से पूछते हुए कहा कि- शाम के वक्त अकेले में क्या करते हैं… जवाब में कलाम ने कहा- वह नमाज के बाद भारतीय शास्त्रीय संगीत में डूब जाते हैं।
जब कमरे से कई दिन तक बाहर नहीं आये कलाम
हबीब ने उनके इस किस्से को बयां करते हुए बताया कि एक बार कलाम साहब अपने एक परीक्षण में इस तरह डूब गए थे, कि तीन-चार महीने बाद जब निकले तो उनके नाखून काफी लंबे हो गए थे। कलाम ने इस दौरान हबीब से पेडीक्योर करने के लिए कहा। हबीब को 3 से 4 घंटे उनके पैरों की सफाई में लग गए थे।
हबीब ने बताया कि एक बार उन्होंने उनके बालों से थोड़ी सी छेड़छाड़ कर दी थी, तो वह बाल कटवाने के 3 दिन बाद फिर पहुंच गए और उन्होंने कहा कि- जैसे थे वैसे ही कर दो… अपने बालों और अपने बालों के हेयर स्टाइल से बेहद लगाव था। वह ना ही उसे बदलते थे और ना ही उसमें थोड़ा भी बदलाव करना चाहते थे।
अमर है डॉ एपीजे अब्दुल कलाम
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जिंदगी से जुड़ी कई ऐसी यादें हैं, जिनका जिक्र आज भी कई लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला देता है। अब्दुल कलाम एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने अपनी जिंदगी के हर क्षण में लाखों-करोड़ों लोगों को सीख दी है। आर्थिक रुप से कमजोर परिवार में जन्मे कलाम के पिता उन्हें कलेक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन उनकी रुची बचपन से ही विज्ञान में थी। यही वजह रही कि भारतीय इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया और उन्हें मिसाइल मैन की उप्लब्धि मिली। बता दे आज एपीजे अब्दुल कलाम की 91वीं जयंती है।