पंजाब से एक अभी-अभी एक बड़ी खबर सामने आ रही है खबर यह है कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। आपको बता दें कि पंजाब कांग्रेस में कुछ दिनों से कलह चल रहे थे, इसी को लेकर आज विधायकों की मीटिंग बुलाई गई थी, पर विधायक की मीटिंग से पहले ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने समर्थक विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक की, इस बैठक के बाद वे राज भवन पहुंचे जहां उन्होंने अपना त्यागपत्र सौंप दिया। सूत्रों से यह भी खबर आ रही है कि वह जल्द ही कांग्रेस पार्टी को भी अलविदा कह सकते हैं। वही उनके बेटे रनिंदर सिंह ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफा की पुष्टि की है।
इससे पहले पार्टी हाईकमान ने विधायक दल की बैठक के लिए पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ को चेन्नई से चंडीगढ़ बुला बुलाया, कुछ देर पहले ही जाखड़ ने ट्वीट कर राहुल गांधी के पंजाब संबंधी इस पहल का स्वागत किया, हालाकि उन्होंने अपने ट्वीट में खुलकर कुछ भी नहीं लिखा है। जाखड़ को लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि शाम 5:00 बजे कांग्रेस भवन में उन्हें विधायक दल का नेता चुना जाएगा और कैप्टन अमरिंदर के स्थान पर इन्हे ही मुख्यमंत्री बनाया जा सकता हैं।
ऐसे हुई थी कलह की शुरुआत
गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस मे कलह की शुरुआत इसी साल अप्रैल महीने से शुरू हुई थी जब पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने कोटकपूरा फायरिंग मामले की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। इस एक फैसले ने पंजाब कांग्रेस में फूट डाल दिए जो अब अपने चरम बिंदु पर है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच दरार इतनी बड़ी की पूरी पार्टी ही दो फार हो गई, अब इस कलह की वजह से कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपनी कुर्सी भी गंवानी पड़ी है। अभी तक आला कमान दोनों के समझौते के लिए कोशिश कर रही थी और इसी को लेकर आज पार्टी के कांग्रेसी विधायकों की मीटिंग भी बुलाई थी। हालांकि इसी आलाकमान के फैसले से नाराज होकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया,