बिहार के बच्चे भी अब रोबोट और ड्रोन बनाने की करेगें पढ़ाई, सरकारी स्कूल मे शुरू होगा कोर्स

Written by: Priyanshu Rana | biharivoice.com • 06 जुलाई 2022, 10:00 अपराह्न

Technical education in Bihar: बिहार के सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को नौकरी दिलाने के मकसद से सरकार ने व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया है। सूबे के सरकारी विद्यालयों में कक्षा छह से कक्षा आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा मिलेगी। तीन से 6 महीने के ये सारे पाठ्यक्रम होंगे। छात्राओं को ट्रेनिंग के बाद इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। सरकार का मकसद ज्यादा से ज्यादा बच्चों को रोजगार देना और तकनीकी तौर पर दक्ष बनाना है। बच्चों को यह प्रशिक्षण मुफ्त में मिलेगा। देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में बिहार को स्कूल लेवल से डाटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित व्यवसायिक कोर्स से जुड़े नियमित पाठ्यक्रम शुरू करने को कहा था। अगले साल से 2024 तक सभी मिडिल और सेकंडरी विद्यालयों में इसे लागू करने की तैयारी है।

ड्रोन और रोबोट टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स का मिलेगा ट्रेनिंग

शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि ड्रोन और रोबोट टेक्नोलॉजी जैसे उभरते हुए कोर्स बच्चों को पढ़ाया जाएगा, जिसकी सबसे ज्यादा मांग आईटी सेक्टर और अन्य क्षेत्रों में है। सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास और इंटरनेट जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। 9वीं वर्ग से इंटरमीडिएट तक के छात्रों को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। अपनी इच्छा अनुसार छात्रों के पास किसी भी कोर्स को चयन करने का मौका मिलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि इसी तरह सभी माध्यमिक स्कूलों में वाई-फाई लगेंगे और कंप्यूटर लैब बनाया जाएगा। योजना पर काम शुरू हो गया है।

शिक्षा विभाग का कहना है कि ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन की ओर से स्कूली शिक्षा में सभी छात्र-छात्रों के मद्देनजर ट्रेनिंग प्रोग्राम को तैयार किया गया है । छात्रों से जुड़े जो पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं, उनमें सबसे ज्यादा ध्यान आईटी सेक्टर को देखते हुए रखा गया है जिससे पाठ्यक्रम खत्म होने के बाद तुरंत ही छात्रों को किसी निजी कंपनी में नौकरी मिल सके या फिर वह अपना कारोबार शुरू कर सकें। इंटर्नशिप के लिए निजी कंपनियों का सहारा लिया जाएगा।

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