Bindupriya Life Success Journey

IAS बनना चाहती है ये ‘नाई बिटिया’, पिता की बीमारी के कारण गाँव मे संभाल रही पापा की सैलून

पुरुषों के बाल काटने, उनकी दाढ़ी बनाने... जैसे कामों को लेकर हमारे दिमाग में हमेशा एक आदमी की ही छवि सामने आती है, लेकिन 21वीं सदी बदले भारत की एक ऐसी तस्वीर है, जहां एक गांव में एक लड़की सैलून चलाती है।

|