भारतीय रिजर्व बैंक (reserve Bank of India) की ओर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसके मुताबिक ग्राहकों की निकासी के साथ-साथ आरबीआई में एक बैंक पर लोन ग्रांट करने या उसे रिन्यू करने पर पाबंदी लगा दी है। खास बात यह है कि बैंक को अब इसके लिए रिजर्व बैंक से पहले अनुमति लेनी होगी। बता दे 7 अप्रैल 2022 को आरबीआई (RBI New Rule) की ओर से कई बैंक पाबंदियों से जुड़े नियम लागू किए गए।
5000 तक ही निकाल सकते हैं कैश
भारतीय रिजर्व बैंक की आर्थिक स्थिति इस समय बेहद कमजोर हो गई है। नतीजतन सेंट्रल बैंक ने बेंगलुरु के शुश्रुति सौहार्द सहकारा बैंक नियमिता (Shushruti Souharda Sahakara Bank Niyamita) पर पाबंदी लगाते हुए इस बैंक के ग्राहकों के लिए 5000 से ज्यादा रुपए निकालने पर रोक लगा दी है। बता दे इस बैंक के ग्राहक अपने सेविंग या करंट अकाउंट से केवल ₹5000 कैश निकाल सकते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक बैंक पर अगले 6 महीने तक यह पाबंदी जारी रहेगी। 7 अप्रैल से ठीक 6 महीने बाद स्थिति के मुताबिक आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। आरबीआई के निर्देश के मुताबिक बैंक को इन्वेस्टमेंट पेमेंट फ्रेश डिपॉजिट स्वीकार करने और संपत्ति बेचने से पहले आरबीआई की मंजूरी लेनी होगी।
आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों में यह कहा गया है कि शुश्रुति सौहार्द सहकारा बैंक नियमिता (Shushruti Souharda Sahakara Bank Niyamita) का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है। फिलहाल 6 महीने तक बैंक पर लगाई गई पाबंदी के बाद स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीती तैयार की जायेगी।