भारतीय रेलवे (Indian Railway) से हर दिन लाखों की तादाद में लोग सफर करते हैं। ऐसे में सफर करने वालों में महिलाओं की संख्या भी बहुत ज्यादा होती है, लेकिन कई बार यह देखा गया है कि ट्रेन में सफर करने के दौरान महिलाओं को सीट के लिए परेशान होना पड़ता है। वहीं अब रेलवे की ओर से एक बड़ी घोषणा की गई है, जिसके बाद महिलाओं को सीट (Special Seat Reserve for Female Passengers) के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। खास बात यह है कि यह घोषणा खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने साझा की है।
अब रेल में भी आरक्षित होंगी महिलाओं की सीटे
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे की घोषणा का ऐलान करते हुए बताया है कि महिलाओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने यह फैसला लिया है। नई घोषणा के मुताबिक बस-मेट्रो की तरह ही अब रेल में भी महिलाओं को सीट के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। भारतीय रेलवे महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करेगा।
रेलवे की ओर से अब से लंबी दूरी की ट्रेनों में महिलाओं के लिए सीट रिजर्व कर दी जाएगी। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्लान ही तैयार कर लिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव में बताया है कि ट्रेन में महिलाओं की सहूलियत को देखते हुए भारतीय रेलवे ने रिजर्व बर्थ निर्धारित करने समेत कई सुविधाओं को शुरू करने का फैसला किया है।
स्लीपर क्लास में महिलाओं के लिए कितनी बर्थ होंगी आरक्षित
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मेल और एक्सप्रेस ट्रेन में महिलाओं के लिए स्लीपर क्लास में 6 बर्थ आरक्षित की जाएंगी। राजधानी एक्सप्रेस, गरीबरथ और दुरंतो समेत पूरी तरह से वातानुकूलित एक्सप्रेस ट्रेनों की थर्ड एसी में 6 बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि ट्रेन के प्रत्येक स्लीपर कोच में 6 लोअर बर्थ, 3 टियर एसी कोच में 4 से 5 लोअर बर्थ और 2 टियर एसी में 3 से 4 लोअर बर्थ सीनियर सिटीजन, 45 साल या उससे अधिक की महिलाओं एवं गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।
सुरक्षा के भी होंगे पूरे पुख्ता इंतेजाम
रेल मंत्री ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी रेलवे विशेष इंतजाम कर रहा है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और जिला पुलिस यात्रियों को रेलवे में सुरक्षित सफर मुहैया कराएगी। इसके साथ ही रेलगाड़ियों और स्टेशनों पर महिलाओं समेत अन्य यात्रियों के लिए भी जीआरपी की ओर से कई कदम उठाए जाएंगे।