पेट्रोल डीजल के दाम (Petrol Diesel Price) बीते कुछ दिनों से लगातार आसमान छू रहे हैं। हर दिन बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों ने हर किसी के खर्च का बजट पूरी तरीके से बिगाड़ दिया है। बीते कुछ महीनों में पेट्रोल के दाम (Petrol Price Today) बढ़ते बढ़ते ₹170.22 पैसे पर पहुंच गए हैं, तो वहीं डीजल का मूल्य भी 100 का आंकड़ा पार कर गया है। वही प्रीमियम पेट्रोल का मूल्य ₹121.23 पैसे लीटर है।
मंहगाई ने बिगाड़ा सबका बजट
लगातार बढ़ते पेट्रोल डीजल के दाम के चलते अब आलम यह है कि व्यापारी समेत हर तबके के लोग अपनी कम आमदनी के साथ पेट्रोल-डीजल की महंगाई का अतिरिक्त दबाव भी झेल रहे हैं। ऐसे में जो लोग महंगाई की मार से बचने के लिए अपने निजी वाहनों को छोड़कर सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं ,अब उनके लिए भी स्थिति और भी खराब होने वाली है।
सार्वजनिक वाहन का किराया भी हुआ मंहगा
गौरतलब है कि सार्वजनिक क्षेत्र के सभी व्यवसाय पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से बड़े स्तर पर प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में बस मालिकों का कहना है कि उन्हें मिलने वाले भाड़े (Traveling By Buses Became Costlier) से नुकसान हो रहा है। वाहन मालिकों का कहना है कि तेल के बढ़े दामों के साथ न सड़क की दूरी कम हुई है, ना ही पेट्रोल का खर्च… ऐसे में लिहाजा भाड़ा यानी बस का किराया बढ़ाने के अलावा उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि कितना किराया बढ़ाया जाए? क्योंकि हर दिन कीमत में एक नया इजाफा सामने आ रहा है।
बिहार में कहां बढ़ा कितना किराया
बस में सफर करना अब लोगों के लिए महंगा हो सकता है। वही स्कूल वैन मालिक भी अपने किराए में इजाफा कर सकती है। डीजल के बढ़े दाम का सबसे ज्यादा असर परिवहन विभाग पर ही पड़ रहा है। सभी छोटे वाहनों के किराए प्रति किलोमीटर डेढ़ से ₹2 हो गए हैं। मधेपुरा के पूर्णिया में किराए में 33 से भी ज्यादा वृद्धि देखी गई है। वही पहले पूर्णिया का भाड़ा ₹120 था, जिसे बढ़ाकर ₹160 कर दिया गया है।
भागलपुर के किराए की बात करें तो बता दे यह ₹130 से बढ़ाकर ₹180 हो गया है। इसके साथ ही बात अन्य जगह यानी मधेपुरा से सहरसा की करें तो बता दे यह किराया ₹20 से ₹25 कर दिया गया है। सुपौल जाने वाले लोगों को भी अब 50 के बजाय ₹70 देने पड़ेंगे। वहीं मधेपुरा से पटना के लिए 350 के बजाय अब ₹400 खर्च करने होंगे। डीजल के बढ़े दामों के साथ किराए में 40% की बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में बड़े ध्यान से यह साफ है कि अब बस का किराया भी लोगों के लिए परेशानी की वजह बनने वाला है।