नीतीश सरकार (Nitish Kumar) ने सातवां वेतन आयोग (7th Pay Commission) केंद्रीय पुनरीक्षित संरचना के तहत वेतन लेने वाले राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशन भोगियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी (Dearness Allowance Increase) की है। इस बढ़ोतरी के साथ ही अब महंगाई भत्ता 31% से बढ़कर 34% हो गया है। सरकार के इस फैसले का फायदा सीधे तौर पर राज्य के सभी सरकारी कर्मचारी (Government Employee) एवं पेंशन भोगियों (Pension Holder’s) को मिलेगा।
महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोत्तरी
गौरतलब है कि यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के कर्मियों की तरह ही एक जनवरी 2022 से प्रभाव में रहेगा। वित्त विभाग ने इस मामले से संबंधित संकल्प शनिवार को जारी कर दिया है। बिहार के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने इस मामले में जानकारी साझा करते हुए बताया कि महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक पैसे को अगले रुपए में पूर्ण आकृति कर दिया जाएगा, जबकि 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जाएगा।
बता दे वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने भी मंजूरी दे दी है। इस फैसले से राज्य पर सालाना 1,133 करोड रुपए का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। सरकारी कर्मचारियों के मामले में उनके मूल वेतन पे-मैट्रिक्स में विशेष वेतन स्तर में आहरित किए जाने वाले वेतन से भुगतान किया जाएगा, जबकि पेंशनरों में मूल पेंशन के आधार पर राशि का भुगतान किया जाएगा।
वहीं इस मामले में बिहार आकस्मिकता निधि की आधि सीमा को 350 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 9500 करोड रुपए कर दिया गया है। बता दें यह 30 मार्च के लिए अस्थाई रूप से लागू रहेगी। वहीं सरकार की ओर से मंहगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी को लेकर लिया गया यग फैसले जनवरी 2022 से लागू रहेगा और राज्य के सभी सरकारी कर्मियों व पेंशन भोगियो को इसका लाभ मिलेगा।