अब हिन्दी में करें MBBS की पढ़ाई, दुनिया का पहला ऐसा राज्य बनेगा यह प्रदेश, पढ़े क्या है तैयारी

Written by: Kavita Tiwari | biharivoice.com • 14 अक्टूबर 2022, 8:03 अपराह्न

हमेशा यही देखा गया है कि एमबीबीएस की पढ़ाई अंग्रेजी में होती है, लेकिन अब यह पढ़ाई हिंदी में भी की जा सकेगी और ऐसा करने वाला दुनिया का पहला राज्य मध्य प्रदेश बनेगा जो हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई (Medical Education In Hindi) की शुरुआत करेगा

MBBS In Hindi: हमेशा यही देखा गया है कि एमबीबीएस की पढ़ाई अंग्रेजी में होती है, लेकिन अब यह पढ़ाई हिंदी में भी की जा सकेगी और ऐसा करने वाला दुनिया का पहला राज्य मध्य प्रदेश बनेगा जो हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई (Medical Education In Hindi) की शुरुआत करेगा। गौरतलब है कि 16 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में एमबीबीएस की हिंदी किताबों का विमोचन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करने वाले हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई कराई जाएगी।

हिन्दी में होगी MBBS की पढ़ाई

केन्द्र सरकार की पहल से शुरु हो रहे इस प्रोजेक्ट को लेकर मध्यप्रदेश में पहले से कई तरह की तैयारियां चल रही है। वही प्रोजेक्ट को जमीनी स्तर पर अमलीजामा पहनाने के लिए डॉक्टर, मेडिकल छात्रों और मेडिकल स्टाफ के साथ-साथ खुद मंत्री अपनी नजर बनाए हुए हैं। हिंदी में पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में हिंदी वॉररूम मंदार को भी तैयार कर रहा है।

देश के लिए होगा गर्व का क्षण

इस मामले में मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास नारंग का कहना है कि- ‘यह देश एवं प्रदेश के लिए एक गर्व का क्षण है कि आजादी के अमृत महोत्सव में हिंदी माध्यम में शिक्षक छात्रों के लिए हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई को असंभव एवं काल्पनिक माना जाता था, लेकिन अब इसका शुभारंभ किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई प्रारंभ कराने का सपना जल्द साकार होने जा रहा है।’

हिन्दी में MBBS की पढ़ाई को लेकर चल रही खास तैयारी

  • मेडिकल यानी MBBS की पढ़ाई को हिन्दी में तैयार करने केे मद्देनजर कुछ खास तैयारिया चल रही है। इसके लिए एक खास कार्य योजना तैयार कर उच्च स्तरीय समिति (टास्क फोर्स) का गठन किया गया है।
  • MBBS का सिलेबस बनाने में मेडिकल छात्रों, अनुभवी डॉक्टरों से भी सुझाव लिए गए है। इसी के आधार पर इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
  • इसके साथ ही EDI जारी कर MBBS के विषयों के ऑथर/पब्लिशर को भी शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है, जो इन किताबों का लेखन कार्य संभालेंगे।
  • MBBS की इन पुस्तकों के हिन्दी रूपांतरण का काम शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के संबंधित विषयों के प्राध्यापक और सह प्राध्यापकों द्वारा किया जा रहा है।
  • MBBS की पढ़ाई को लेकर पहले से ही छात्रों, शिक्षकों एवं समाज में हिन्दी का चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में विकास करने के लिए तैयारी की है।
  • इस कड़ी में MBBS पाठ्यक्रम के संबंध में सकारात्मक वातावरण को बनाये रखने के लि क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग हेतु संस्थान स्तर पर एक खास समिति भी बनाई गई है।

भारी संख्या में MBBS की पढ़ाई हिन्दी में करेंगे छात्र

जानकारी के मुताबिक हिन्दी में MBBS की पढ़ाई करने वाले फस्ट इयर के छात्रों की तीन पुस्तकें फिजियोलॉजी, बायो केमिस्ट्री और एनाटॉमी बनकर तैयार कर ली गई है। इन किताबों को कुछ इस तरह से तैयार किया गया है, जिसमें रक्तचाप, रीढ़, हृदय, गुर्दे और यकृत एवं शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों के बारें में पढ़या जायेगा। साथ ही इन सभी से संबंधित शब्दों जैसे तकनीकी शब्दों को अंग्रेजी में उच्चारित करने के लिए देवनागरी यानी हिन्दी में लिखा गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि हिन्दी भाषा में एमबीबीएस की पढ़ाई करने से छात्रों में हिन्दी के स्तर का विकास होगा।

 

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Kavita Tiwari

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