Who is Love Guru Matuknath And Julie: लव गुरु मटुकनाथ और जूली की प्रेम कहानी 16 साल बाद एक बार फिर चर्चाओं में छा गई है। ऐसा इसलिए क्योकि एक बार वैसे हे वाकया बिहार के समस्तीपुर मे देखने को मिला है। यहां भी एक 22 साल की छात्रा को 42 साल के शिक्षक से प्रेम हो गया। छात्रा का नाम श्वेता कुमारी है वहीं शिक्षक का नाम संगीत कुमार है। श्वेता अपने टीचर संगीत कुमार के पास इंग्लिश की कोचिंग करती थी। इसी दौरान ही दोनों की नजदीकियां बढ़ी और इसके बाद उन्होंने मंदिर में शादी की। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी शादी को कानूनी तौर पर दर्ज कराने के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराया।
फेमस है लवगुरु मटुकनाथ और जूली की प्रेम कहानी
एक ऐसी हे घटना 2006 मे भी हुई थी जो उस समय काफी ट्रेंड हुआ था। वह था मटुकनाथ और जूली की प्रेम कहानी। इन दोनों ने शिष्य-गुरु की परंपरा के साथ-साथ उनके उम्र के बंधन और प्रेम की उम्र सीमा सभी को तोड़ कर रख दिया था। मटुकनाथ का कहना था कि प्यार जाति-धर्म और उम्र के बंधन में नहीं बंधता। उनकी और जूली की प्रेम कहानी साल 2006 में शुरू हुई थी, लेकिन साल 2014 में उनकी प्रेम कहानी ने दम तोड़ दिया। आलम यह है कि आज जूली सात समंदर पार अध्यात्म की तलाश कर रही है। जूली के इस आध्यात्म को वह मन की अशांति और असंतोष बताते हैं। आइये जानते है मटुकनाथ और जूली की प्रेम कहानी:-
स्टूडेंट से हुआ था प्यार
यह कहानी पटना विश्वविद्यालय के हिंदी प्रोफेसर मटुकनाथ की है, जिन्हें खुद से आधी उम्र की जूली से प्यार हो गया। इसके बाद साल 2006 में वह अपनी प्रेम कहानी के चलते न सिर्फ सुर्खियों में रहे, बल्कि उन्होंने उम्र, धर्म और गुरु-शिष्य की हर दीवार को तोड़ते हुए जूली से शादी भी की। उनकी शादी के बाद से ही लोग उन्हें लवगुरु मटुकनाथ के नाम से बुलाने लगे। मटुकनाथ ने अपने शिष्य और अपने प्रेम के लिए अपने घर को भी छोड़ दिया। वहीं दूसरी और जूली के परिवार वालों ने भी उससे हर नाता हर रिश्ता तोड़ लिया।
मुंह पर कालिख और बेरोजगारी का झेलना पड़ा दंश
परिवार वालों के रूठ जाने के बाद दोनों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस दौरान मटुकनाथ को ना सिर्फ विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया गया, बल्कि उनके चेहरे पर कालिख भी पोती गई। रिटायरमेंट की उम्र में खुद से आधी उम्र की शिष्य से शादी करने को लेकर वह सुर्खियों में छाए रहे। परंतु उनके रिश्ते में साल 2014 में दूरियां बढ़ने लगी और उनका यह रिश्ता खत्म हो गया। इसके बाद जूली सात समंदर पार पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंच गई।
गलत गुरुओं ने दी जूली को मानसिक प्रताडना
इतनी परेशानियों को झेलने के बाद दोनों कुछ साल तो एक साथ रहे, लेकिन साल 2014 में उनका यह रिश्ता टूट गया। जूली इस समय पोर्ट ऑफ स्पेन में है। वहां एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ रहती है। अध्यात्म और व्यवसाय से जुड़े उनके वहीं गुरु जूली का खर्च भी उठाते हैं। वहीं दूसरी ओर मटुकनाथ का कहना है कि प्रेम करने के बाद भी शुरू से ही जूली अध्यात्म और साधना के प्रति आकर्षित रही थी। साल 2013 में तब तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा, लेकिन साधना के लिए गुरु की तलाश में भटक गई और कई गलत गुरु के संपर्क में भी आई जिससे गलत साधना मिली। ऐसे गलत गुरु के साथ मिली गलत साधना ने जूली को मानसिक रूप से पीड़ित कर दिया।
आश्रम में जाने के बाद जूली ने बदल दिया नाम
आश्रमों में जाने के बाद जूली ने अपना नाम बदल लिया। जूली आज भी सच्चे गुरु की तलाश कर रही है, लेकिन आज तक उन्हें ऐसा कोई गुरु नहीं मिल पाया। वहीं जूली के मनोचिकित्सक का कहना है कि वह लगातार कई गुरुओं की शरण में आ चुकी है, अगर उन्हें किसी सच्चे संत से मिलवाया दिया जाए, तो वह सुधर सकती हैं। गलत संतो के कारण उनकी मानसिक स्थिति ऐसी हो गई है। ऐसे में अब मटुकनाथ भी यह जानना चाहते हैं कि आखिर सच्चे संत कहां मिलते हैं।
अपने पिछले जन्म में अटक गई हैं जूली
16 साल बाद आज भी मटुकनाथ को अपने जूली का इंतजार है। उनका कहना है कि जूली जब प्रेम में थी तब भी वह इस बात का जिक्र करती थी कि वह अपने शरीर के अंदर मणिपुर चक्र से परेशान है। इसे लेकर कई लोगों का कहना है कि यह पूर्व जन्म से जुड़ा होता है। मटुकनाथ का कहना है कि विशेषज्ञों के मुताबिक वह अपने पूर्व जन्म अटक गई है। पूर्व जन्म में ध्यान की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उसके साथ ऐसा हो रहा है। ऐसे में अगर उसे कोई सच्चा गुरु मिलता है तो उसकी यह पूर्व जन्म की अधूरी साधना पूरी हो सकती है। वहीं जूली का भी कहना है कि वह अपनी इस साधना को पूरा करना चाहती है।