IT Raid : कानपुर में 2 कारोबारियों पर पड़ा छापा ,160 करोड़ बरामद, मशीन से पैसे गिन रही टीम

Written by: Kavita Tiwari | biharivoice.com • 25 दिसम्बर 2021, 12:53 अपराह्न

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सर पर है और ऐसे में सरकार और सरकार के नुमाइंदे फुल एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इस कड़ी में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT Raids in Kanpur) भी लगातार छापेमारी कर रहा है। हाल ही में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने कानपुर के 2 बड़े कारोबारियों के यहां छापेमारी की है। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं पर एक्शन लेने के बाद अब आयकर विभाग की टीम ने दो बड़े कारोबारी इत्र कारोबारी पीयूष जैन (IT Raid Piyush Jain House) और पान मसाला कारोबारी केके अग्रवाल (IT Raid KK Agarwal House) के घर और ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी रकम बरामद की है।

कानपुर छापेमारी में 160 करोड बरामद

खबरों के मुताबिक इत्र कारोबारी पीयूष जैन के यहां से छापेमारी के दौरान 160 करोड रुपए बरामद हुए हैं। मालूम हो कि छापेमारी का यह सिलसिला पिछले 24 घंटों से लगातार जारी है। सूत्रों के मुताबिक कानपुर के जूही थाना क्षेत्र के आनंदपुरी में रहने वाले इतर कारोबारी पीयूष जैन के घर से अब तक आईटी विभाग की टीम ने 160 करोड रुपए की बरामदगी की है। हालांकि अभी भी नोटों की गिनती जारी है। 160 करोड रुपए का आंकड़ा अब तक के गिने गए नोटों के आधार पर है।

बता दें अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि केके अग्रवाल के ठिकानों से कितने पैसों की बरामदगी की गई है। छापेमारी के दौरान इनकम टैक्स की टीम दोनों जगहों पर लगातार मशीनों के जरिए पैसे गिन रही है। सूत्रों की माने तो एसबीआई के अधिकारियों की मदद से नोटों की गिनती की जा रही है। इत्र कारोबारी पीयूष जैन और पान मसाला कारोबारी केके अग्रवाल के घर और कई ठिकानों पर इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई पिछले 24 घंटे से जारी कर रखी है।

6 मशीने कर रही नोटों की गिनती

आईटी की टीम के साथ अहमदाबाद से आईडीजीजीआई की टीम भी इस अभियान में जुड़ी हुई है। बता दे इन दोनों ही कारोबारियों पर आरोप है कि कई फर्जी फर्म के नाम से बिल बनाकर इन दोनों कंपनियों ने करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी की है। छापेमारी के दौरान पीयूष जैन के घर से 200 से अधिक फर्जी इनवॉइस और ई-बिल बरामद हुए हैं। अब तक की छापेमारी के दौरान इनकम टैक्स और जीएसटी विभाग की टीन 12 से ज्यादा संदूक मंगवा चुकीं हैं, ताकि करोड़ों के बरामद हुए रुपयों को इनमें रखा जा सके। बता दे इन नोटों को गिरने के लिए 6 मशीनें लगाई गई हैं।

छापेमारी पर राजनैतिक खेल

भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच यह छापेमारी की जा रही है। वही छापेमारी को लेकर अब राजनीतिक गलियों में भी वार-प्रतिवार का खेल शुरू हो गया है। जहां एक ओर यूपी भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए कहा गया है कि- यह है सपाइयों का असली रंग… समाजवादी इत्र से भ्रष्टाचार की गंध चिप नहीं पाई है। अखिलेश जी करोड़ों-करोड़ों का काला धन आपके झूठे समाजवाद की पोल खोल रहा है। इत्र की विशेषता खुशबू होती है, मगर यदि इत्र सपा वालों के हाथ लग जाए तो वह इसकी महक को भी मार देते हैं। सपा मतलब यत्र, तत्र, सर्वत्र भ्रष्टाचार… सपा मतलब भ्रष्टाचार… यह नई नहीं, वहीं सपा है।

सपा की सफाई

भाजपा की ओर से आए ट्वीट पर समाजवादी पार्टी के मीडिया प्रभारी आशीष यादव ने पलटवार करते हुए लिखा कि- कानपुर के कारोबारी के घर में पड़े छापे से सपा का कोई नाता नहीं है। समाजवादी इत्र और समाजवादियों से कारोबारी का कोई नाता नहीं है। कानपुर में कारोबारी के घर पड़े छापे से सपा पार्टी का नाम जोड़ना सरासर गलत है। समाजवादी पार्टी ने इन आरोपों से साफ इनकार कर दिया है।

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