कई सारे बैंक खाताधारक ऐसे होते हैं जिनके पास एक से ज्यादा बैंक अकाउंट (Bank Account) होते हैँ। वैसे लोग जो कहीं नौकरी करते हैं ट्रांसफर होने या कंपनी बदलने के कारण उन्हें बैंक अकाउंट भी बदलना पड़ जाता है। जिसके बाद ये अपने नए खाते में ट्राजेक्शन (Transactions) करते हैं, पुराने अकाउंट से लेन देन बंद हो जाता है। खाताधारक के जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट में कुछ महीनों तक सैलरी क्रेडिट नहीं होने की स्थिति में बैंक द्वारा उसे सेविंग अकाउंट में रुपान्तरित कर दिया जाता है , जिसमें न्यूनतम राशि (Minimum Balance) की बाध्यता होती है, और ऐसा होने पर एक्स्ट्रा चार्ज लगा दिया जाता है, इसलिए आपको जिस बैंक अकाउंट का काम ना हो, उसे बंद करा देना चहिए।
अकाउंट बंद कैसे कराएं
आपको जिस बैंक अकाउंट को बंद कराना हो, उस बैंक अकाउंट को आप जीरो बैलेंस (Zero Balance) करें, इसका मतलब यह है कि उस अकाउंट से सारे पैसे की निकासी (withdraw) कर लें। आप अपने एटीएम के जरिए या ऑनलाइन ट्रांसफर की सहायता से पैसों की निकासी कर सकते हैं। इसके साथ ही अकाउंट बंद करवाते समय अपने अकाउंट से सभी डेबिट्स को डीलिंक करवा लेँ अगर आपका ये बैंक अकाउंट महीने के लोन EMI के लिए लिंक किया जा चुकाहै, तो इस स्थिति में लोन देने वाले व्यक्ति या संस्था को नया अकाउंट नंबर देना सही होगा।
एक साल से पुराने अकाउंट पर नहीं लगता क्लोजर चार्ज
सेविंग्स अकाउंट शुरू होने के 14 दिनों के भीतर यदि इसे बंद करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है तो कोई बैंक चार्ज नहीं लगाया जाता है। लेकिन 14 दिन से लेकर 1 साल की अवधि के दौरान यदि आप अकाउंट बंद कराते की स्थिति मे आप पर क्लोजर चार्ज (closer charge) लगाया जाता है। वैसे एक साल से पुराने अकाउंट को बंद करवाने पर बैंक की तरफ से किसी तरह के चार्ज की वसूली नहीं की जाती है।
ऐसे बंद करा सकते हैं अकाउंट
बैंक अकाउंट को बंद कराने के लिए आपको उस बैंक के ब्रांच में जाना होगा,यहां आपको अकाउंट क्लोजर फॉर्म भर कर उसे जमा कराना होता है, तथा आपको डी-लिंकिंग फॉर्म भी सब्मिट करना जरुरी होता है। इसके अलावा अपनी चेक बुक, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड भी बैंक में आपको जमा कराना होगा, जिसके बाद आपके बैंक खाता को बंद कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी जाएगी।