अंधे कानून का हवाला देने वाली कोर्ट में खड़ी महिला कौन है? जाने आखिर क्यों होता है कानून अंधा

Written by: Kavita Tiwari | biharivoice.com • 27 मई 2023, 1:55 अपराह्न

Why Justice is blind Know The Reason Behind Blind Lady in Court: कानून अंधा होता है यह बात तो हम हमेशा सुनते ही हैं। फिल्मों में, असल जिंदगी में यह बात हर कोई कहता है कि कानून अंधा होता है। वह सिर्फ सबूतों पर विश्वास करता है, लेकिन ऐसे में क्या कभी आपके मन में यह सवाल उठा है कि आखिर कानून अंधा क्यों होता है? इसके पीछे की वजह क्या है? वही कोर्ट रूम में खड़ी इंसानों की देवी कौन होती है, जो हाथ में तराजू लेकर खड़ी होती है? क्या भारत के अलावा विदेशी कोर्ट में भी यह महिला ऐसे ही इंसाफ का तराज़ू लेकर खड़ी होती है? तो आइए हम आपको इस बारे में डिटेल में बताते हैं।

कानून क्यो होता है अंधा?

जब भी हम किसी मामले में फंसते हैं तो हम सबसे पहले इंसाफ के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं। स्त्री हो या पुरुष, बुजुर्ग हो या बच्चा, अमीर हो या गरीब, इंसाफ के लिए वह कोर्ट का ही दरवाजा खटखटाता है। जब भी उसके साथ गलत होता है तो उसे लगता है कि कोर्ट ही आखरी ऐसा जरिया है, जहां उसके इंसाफ की सुनवाई होगी। लोग यही मानते हैं कि सही-गलत, अच्छा-बुरा सब कुछ देख कर कोर्ट में बैठा जज फैसला सुनाता है। ऐसे में जब भी सबूतों का अभाव होता है, तो कानून के अंधे होने का हवाला भी दिया ही जाता है।

कौन है कोर्ट में खड़ी न्याय की देवी?

यह बात तो आपने और हमने हमेशा ही सुनी है कि कानून अंधा होता है। इसलिए वह न्याय सुनाते समय यह नहीं देखता कि उसके आगे अमीर खड़ा है या गरीब, कोई नेता है या कोई आम इंसान, कोई बुजुर्ग है या कोई बच्चा… वह सबूतों और तथ्यों के आधार पर फैसला सुनाता है। कानून नियमों का पालन करता है और यही बात कानून की देवी पर भी लागू होती है।

कैसा होता है कानून की देवी का रुप

कोर्ट रूम में इंसाफ का तराज़ू लिए खड़ी न्याय की देवी पर भी यह परिभाषा पूरी तरह से लागू होती है। इस देवी का रूप रंग भी कानून की परिभाषा को बयान करता है। ऐसे में बात कानून की देवी की करें तो बता दे कि असल में यह यूनान की एक देवी है। यूनान की देवी डिकी को न्याय की देवी कहा जाता था। वह थेमिस और जीएस की बेटी है।

इसके अलावा कानून की देवी के लुक में भी एक राज छुपा है, जो कानून के हर आयाम को दर्शाता है। इस रंग रूप और लुक के मुताबिक न्याय की देवी की आंखों पर पट्टी बंधी होती है और उनके हाथों में एक तराजू होता है। वहीं दूसरे हाथ में तलवार होती है। पैरों के नीचे सांप होता है। न्याय की देवी का तराजू यह दर्शाता है कि वह सच और झूठ को तोलना जानती है और तोलने के बाद ही अपना फैसला सुनाती है वही उनकी आंखों पर बंधी पट्टी यह बताती है कि वह अपने सामने खड़े इंसान का रसूख और शक्ति देखकर फैसले नहीं करती। वह सबूतों और गवाहों के आधार पर फैसले लेती है।

बात कानून की देवी के दूसरे हाथ में खड़ी तलवार की करें तो बता दें कि वह दो धारी तलवार है, जो दर्शाती है कि वह सिर्फ न्याय ही नहीं सुनाती, बल्कि उसका पालन करवाने की शक्ति भी रखती है। इसके साथ ही उनके कपड़ों से यह पता चलता है कि यूनान में पुराने समय में आदरणीय और राजशाही लोग रहा करते थे। इसके अलावा उनके पैरों का साफ यह बताता है कि वह बुराई को कुचल देने की प्रतिभा से परिपूर्ण है।

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Kavita Tiwari

मीडिया के क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव प्राप्त हुआ। APN न्यूज़ चैनल से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद कई अलग-अलग चैनलों में असिस्टेंट प्रोड्यूसर से लेकर रन-डाउन प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया। वहीं फिलहाल बीते 1 साल 6 महीने से बिहार वॉइस वेबसाइट के साथ नेशनल, बिजनेस, ऑटो, स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट की खबरों पर काम कर रही हूं। वेबसाइट पर दी गई खबरों के माध्यम से हमारा उद्देश्य लोगों को बदलते दौर के साथ बदलते भारत के बारे में जागरूक करना एवं देशभर में घटित हो रही घटनाओं के बारे में जानकारी देना है।

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