बिहार (Bihar) में लगातार बिछ रहे रेलवे लाइन के जाल (New Rail Line Route In Bihar) से शहरों के बीच की दूरी कम हो रही है। साथ ही बिहार वासियों को एक से दूसरे शहर जाने में कम समय, कम कीमत के साथ सुगम यात्रा भी मिल रही है। इस कड़ी में जयनगर से जनकपुरी के बाद अब रक्सौल से काठमांडू (Raxaul To Kathmandu) के लिए भी ट्रेन चलाने की तैयारी के मद्देनजर रेलवे लाइन (Raxaul to Kathmandu Rail Route) बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इस कड़ी में पूर्वी चंपारण जिले (East Champaran) के रक्सौल से नेपाल के काठमांडू रेल लाइन (Raxaul to Kathmandu Rail Line) तक का सर्वे कार्य शुरू हो गया है। बता दें इसके लिए कोंकण रेलवे की टीम काठमांडू गई और बीते 10 दिनों से लगातार वहां सर्वे का कार्य कर रही है।
रुट की रेलवे लाइन का सर्वे कार्य शुरु
सर्वे कार्य से जुड़ी जानकारी को साझा करते हुए रेलवे विभाग के प्रवक्ता अमन चित्रकारी ने बताया कि भारतीय रेलवे की टीम से लेकर काठमांडू तक रेल लाइन का सर्वे कार्य जारी है। इसके संचालन के मद्देनजर भारत से जरूरी यंत्र और उपकरण लाने पर टीम को कोई कस्टम शुल्क भी नहीं देना होगा। बता दें यह सर्वे का काम 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद रक्सौल काठमांडू रूट पर रेलवे लाइन बिछाने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले साल 2018 में भी इस रूट पर सर्वे का कार्य शुरू किया गया था। कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के मुताबिक रक्सौल से काठमांडू के बीच 136 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाई जानी थी। इस रेलवे लाइन को रक्सौल स्टेशन से टोका के रास्ते नेपाल में प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही नेपाल के निजगढ़ से बागमती नदी के किनारे-किनारे काठमांडू के खोकना तक रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। बता दिए सारी जानकारी प्रारंभिक सर्वे के आधार पर साझा की गई है।
मालूम हो कि रक्सौल से काठमांडू तक ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस रेलवे लाइन का 40 किलोमीटर भाग सुरंग के अंदर से होकर गुजरेगा। इस रूट पर 35 बड़े पुल भी बनाए जाएंगे। भारत और नेपाल के बीच महाकाल नदी पर इसका पुल निर्माण कार्य किया जाएगा, जिससे बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र को खासा फायदा मिलेगा।
बहु-बेटियों का सफर होगा आसान
दरअसल यहां रहने वाली आबादी का नेपाल आने-जाने का सफर इसके जरिए आसान हो जाएगा। साथ ही इससे व्यापार में भी मुनाफा होगा। खास बात यह है कि मिथिलांचल और सीमांचल का नेपाल की बहू बेटियों से खासा पारिवारिक संबंध होता है, क्योंकि यहां के बहुत से लड़के-लड़कियों की शादी नेपाल में हुई है। ऐसे में इस रेलवे लाइन के शुरू होने से आवागमन आसान हो जाएगा।