चार्जिंग स्टेशन ढूंढने का झंझट खत्म! सरकार का यह App बतायेगी नजदीकी EV Charging Stations

Written by: Kavita Tiwari | biharivoice.com • 24 जून 2023, 10:40 पूर्वाह्न

भारत सरकार जहां एक ओर लोगों के बीच इलेक्ट्रिक गाडियों के प्रति रुझान बढ़ाने में लगी हुई है, तो वहीं सरकार अगले 2 महीने के अंदर इलेक्ट्रिकल यूजर्स के लिए एक ऐसा ऐप लाने जा रही है, जिसके जरिए वह अपने मोबाइल में अपने नजदीकी चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन को आसानी से तलाश सकेंगे।

Indian Government App For Electric Vehicles: देश के तमाम हिस्सों में इलेक्ट्रिक गाडियों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड बढ़ने के साथ ही लोगों को चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशंस को लेकर अभी से चिंता सताने लगी है। ऐसे में भारत सरकार जहां एक ओर लोगों के बीच इलेक्ट्रिक गाडियों के प्रति रुझान बढ़ाने में लगी हुई है, तो वहीं सरकार अगले 2 महीने के अंदर इलेक्ट्रिकल यूजर्स के लिए एक ऐसा ऐप लाने जा रही है, जिसके जरिए वह अपने मोबाइल में अपने नजदीकी चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन को आसानी से तलाश सकेंगे।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी द्वारा इससे जुड़ी जानकारी साझा की गई है, जिसमें बताया गया है कि ये ऐप अन्य सभी बातों के साथ-साथ इन स्टेशनों की लोकेशन और क्षमता की जानकारी भी आपको देगा। इस ऐप का लाभ और इसके लांच का जिम्मा नीति आयोग को दिया गया है। फिलहाल सरकार इस ऐप के तहत देश के तमाम हिस्सों में चार्जिंग प्वाइंट, ऑपरेटर और इक्विपमेंट निर्माता के साथ आवश्यक जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।

ऐप पर दिखेगा कहां है चार्जिंग स्टेशन?

मौजूदा समय में लोगों के बीच इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इंटर ऑपरेबिलिटी की कमी के कारण एक विशेष ब्रांड वाले इलेक्ट्रिकल ग्राहक के पास केवल उस विशिष्ट ब्रांड मॉडल से संबंधित चार्जिंग स्टेशन का ही उपयोग करने का ऑप्शन होता है। उदाहरण के तौर पर यदि आपके पास टाटा इलेक्ट्रिक कार है, तो आपको कंपनी के ऐप पर केवल टाटा की चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में डिटेल दिखाई देगी, लेकिन इस ऐप पर आपको एमजी, मर्सिडीज़, ईईएसएल आदि सभी ब्रांड के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नजर आएंगे। बता दे भारत सरकार इस ऐप को आने वाले 2 महीने में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

भारत सरकार की ईवी ऐप पर मिलेंगी कौन सी सुविधाएं

जानकारी के मुताबिक शुरुआत में यह ऐप चार्जिंग स्टेशन की जगह, कनेक्टर, चार्जिंग स्टेशन चालू है या नहीं, इसकी क्षमता आदि की जानकारी आपको डिटेल में देगा। वाहन कनेक्टर चार्जिंग स्टेशन से इलेक्ट्रिक कार के ऑनबोर्ड चार्जर तक बिजली पहुंचाने का काम करते हैं। ऑनबोर्ड चार्जर एसी करंट और डीसी करंट में परिवर्तित करता है और फिर इसे इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी को चार्ज करने का काम करता है। इसके अलावा इस ऐप पर बैटरी स्वैपिंग स्टेशन और फर्स्ट फ्लोर चार्जर की जानकारी भी आपको मिलेगी। बता दे साथ ही यह पर आपको यह भी बताएगा कि चार्जिंग स्टेशन खुला है या फिर बंद है। इसके लिए आपको ऐप पर कुछ खास तरीके से जानकारी दी जाएगी।

साथ ही बता दें कि इस ऐप पर चार्जिंग स्टेशन से जुड़ी सभी जानकारियां आपको डिटेल में मिलेंगी। इसके अलावा खुले या पब्लिक चार्जिंग स्टेशन सड़क के किनारे रिटेल शॉपिंग सेंट्रो, सरकारी फैसिलिटी और पार्किंग एरिया के बारे में भी पता कर सकते हैं। सरकारी अधिकारी द्वारा साझा जानकारी के मुताबिक सरकार का इरादा इस एप्लीकेशन में बुकिंग और भुगतान जैसी सुविधाओं को भी जोड़ना है, जिससे आने वाले समय में जोड़ा जाएगा।

देश में है कुुल कितने चार्जिंग स्टेशन

बता दे मौजूदा समय में देश में 7000 से ज्यादा सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन मौजूद है, लेकिन भारत में हर 75 इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन के लिए एक चार्जिंग स्टेशन की जरूरत है। अलॉय मार्केटिंग कंपनियों को FAME के तहत फ्यूल पंप पर 22000 फास्ट चार्जिंग स्टेशंस स्थापित करने के लिए 8000 करोड रुपए आवंटित किए गए हैं। वहीं कई बड़े होटलों ने भी अपनी संपत्ति पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का मुद्दा रखा है, जिससे उनके यहां आने वाले ग्राहक अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ी को चार्ज कर सके।

About the Author :

Kavita Tiwari

मीडिया के क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव प्राप्त हुआ। APN न्यूज़ चैनल से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद कई अलग-अलग चैनलों में असिस्टेंट प्रोड्यूसर से लेकर रन-डाउन प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया। वहीं फिलहाल बीते 1 साल 6 महीने से बिहार वॉइस वेबसाइट के साथ नेशनल, बिजनेस, ऑटो, स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट की खबरों पर काम कर रही हूं। वेबसाइट पर दी गई खबरों के माध्यम से हमारा उद्देश्य लोगों को बदलते दौर के साथ बदलते भारत के बारे में जागरूक करना एवं देशभर में घटित हो रही घटनाओं के बारे में जानकारी देना है।