बिहार: इस सर्दी बिजली कंपनी ने उपभोगताओं को दी बड़ी राहत, लोगो के हित मे लिया ये बड़ा फैसला

Written by: Kavita Tiwari | biharivoice.com • 08 नवम्बर 2022, 12:00 अपराह्न

बिहार के लोगों के लिए एक राहत की खबर सामने आई है। दरअसल अगर वित्तीय वर्ष 2023-24 में बिजली कंपनियों की अनुमानित बिक्री 32587.01 मिलियन यूनिट रहती है, तो 48.89 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की जा सकती है।

Electricity Bill In Bihar: बिहार के लोगों के लिए एक राहत की खबर सामने आई है। दरअसल अगर वित्तीय वर्ष 2023-24 में बिजली कंपनियों की अनुमानित बिक्री 32587.01 मिलियन यूनिट रहती है, तो 48.89 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की जा सकती है। बता दे यह बढ़ोतरी मौजूदा वित्तीय वर्ष में नहीं बल्कि अगले साल यानी 2023-24 के दौरान की जाएगी। बिजली कंपनी की पुनर्विचार याचिका पर बिहार विद्युत विनियामक आयोग द्वारा यह फैसला किया गया है। बता दे इस मामले में 14 अक्टूबर 2022 को हुई अंतिम सुनवाई के बाद आयोग ने अपना फैसला सुरक्षित किया था, जिसे आयोग अध्यक्ष शिशिर सिन्हा द्वारा सोमवार को जारी किया गया है।

Electricity Bill In Bihar

बिजली बिल में अभी नहीं होगी बढ़ोत्तरी

आयोग द्वारा राज्य सरकार को मिले अनुदान को स्वीकार करते हुए कंपनी के अन्य सभी तर्कों को खारिज कर दिया गया है, जिसमें आयोग की ओर से कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के आदेश की समीक्षा के तत्काल आदेश में राज्य सरकार से प्राप्त एटीएंडसी हानि को सब्सिडी के कारण 1264.38 करोड़ के अतिरिक्त एआरआर को वित्तीय वर्ष 2021-22 के ट्रूइंग-अप में शामिल किया गया है।

मौजूदा वित्त वर्ष में बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह बढ़ोतरी की जाएगी। विभाग की ओर से दायर की जाने वाली जनहित याचिका में इस अनुदान को शामिल किया जा सकता है। ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी संजीव हंस द्वारा इसे स्वीकृति दी गई, जिसमें आयोग की ओर से दिए गए आदेश में राज्य सरकार द्वारा किए गए 1264 करोड रुपए के खर्च को शामिल कर लिया गया है। कंपनी अगले साल के लिए दायर होने वाले पिटिशन में इसे शामिल कर सकती है।

Electricity Bill In Bihar

पुनर्विचार याचिका के बाद लिया फैसला

याद दिला दे कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के बिजली टैरिफ को लेकर आयोग के सुनाए गए फैसले के खिलाफ बिजली कंपनी की ओर से पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी। इस दौरान कंपनी की ओर से इस याचिका को लेकर तर्क दिया गया था कि टैरिफ सुनाए जाते वक्त कंपनी को सरकार से मिली 1264 करोड़ रुपए की गणना नहीं की गई थी। इतना ही नहीं आरडीएसएस में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए गए 19 फ़ीसदी के बिजली हानि की जगह 15 फ़ीसदी बिजली हानि का आंकड़ा माना गया थाष बिजली कंपनी द्वारा दी गई इस याचिका पर आयोग ने सभी पक्षों के विचार को लेने के बाद अपना यह फैसला सुनाया है

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Kavita Tiwari

मीडिया के क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव प्राप्त हुआ। APN न्यूज़ चैनल से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद कई अलग-अलग चैनलों में असिस्टेंट प्रोड्यूसर से लेकर रन-डाउन प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया। वहीं फिलहाल बीते 1 साल 6 महीने से बिहार वॉइस वेबसाइट के साथ नेशनल, बिजनेस, ऑटो, स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट की खबरों पर काम कर रही हूं। वेबसाइट पर दी गई खबरों के माध्यम से हमारा उद्देश्य लोगों को बदलते दौर के साथ बदलते भारत के बारे में जागरूक करना एवं देशभर में घटित हो रही घटनाओं के बारे में जानकारी देना है।