मंगलवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Indian Home Ministry) के गाइड लाइन पर भारत-नेपाल जिला स्तरीय समन्वय (Indo-nepal Border) की कमिटी की बैठक रक्सौल के एकिकृत जांच चौकी में आयोजित हुई। बैठक का नेतृत्व पूर्वी चंपारण के डिस्टिक मजिस्ट्रेट शीर्षत अशोक कपिल कर रहे थे। आयोजित बैठक में बॉर्डर सुरक्षा, अपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ ही कई अन्य मुद्दों पर भारत और नेपाल के अफसरों के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई।
शराबबंदी को सफल बनायेगा नेपाल
पूर्वी चंपारण के साथ ही पश्चिमी चंपारण हो नेपाल के बारा व पर्सा जिला के प्रशासनिक महकमे के अफसर बैठक में उपस्थित थे। दोनों मुल्क के सुरक्षा निकाय से जुड़े अधिकारियों की भी मौजूदगी थी। जिलाधिकारी श्री अशोक ने बैठक से पहले नेपाल से आए प्रतिनिधिमंडल का अभिनंदन किया। फिर बिहार पुलिस के कर्मियों ने पर्सा के जिलाधिकारी उमेश कुमार ढकाल को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया।
आइसीपी रक्सौल के सभाकक्ष में ऑफ एशिया की रूप से दोनों देशों के अफसरों के बीच बैठक प्रारंभ हुआ। बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए जिलाधिकारी शीर्षत अशोक ने कहा कि कोविड के बाद लंबे समय के बाद बैठक का आयोजन हुआ है।

नेपाल में निकाय चुनाव होना है, इसके मद्देनजर वहां के अफसरों से बॉर्डर सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक चर्चा की गई। इसके अलावा बिहार में लागू शराबबंदी को सफल बनाने हेतु नेपाल प्रशासन से अपेक्षित मदद पर विचार विमर्श हुआ और बॉर्डर पार से शराब की तस्करी ना हो इस पर चर्चा किया गया। आयोजित बैठक में सीमा से अलग-अलग परेशानियों के साथ ही बाढ़ व अपराध नियत्रंण जैसे मसलों पर विचार विमर्श हुआ। एसएसबी, कस्टम, और इमीग्रेशन के अफसरों को हो रही दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। बैठक संपन्न होने के बाद चर्चा और लिए गए फैसले की कॉपी ऑफिशियली रूप से हैंडोवर की गई।
पूर्वी चंपारण के जिला प्रशासन द्वारा बैठक के शुरू में ही सभी आगंतुक मेहमानों का बोधी वृक्ष का प्रतिक चिन्ह भेंट किया गया। भारतीय अधिकारियों को नेपाल के बारा जिला प्रशासन ने बारा जिला में अवस्थित गढ़ीमाई मंदिर की तस्वीर भेंट की। मंगलवार के दिन हुई बैठक में बढ़िया माहौल रहा।