बिहार में लगातार बढ़ते कोरोना मामले के कारण के नितीश कुमार ने 18 साल से 45 साल के लोगों को मुफ्त में कोरोना की वैक्सीन देने का ऐलान किया है। इस आयु वर्ग के लोगों को 1 मई से वैक्सीनेशन किया जाएगा। वैक्सीनेशन के इस तीसरे चरण में बिहार में 18 से 45 साल के आयु वर्ग के लोगों का मुफ्त टीकाकरण किया जाना है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस टीकाकरण में राज्य सरकार को लगभग 5000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। गौरमतलब है कि बिहार सरकार ने यह घोषणा किया है कि 18 से 45 साल की सभी लोगों को राज्य में मुफ्त टीका दिया जाएगा। राज्य सरकार के द्वारा यह घोषणा केंद्र सरकार के उस घोषणा के बाद में की गई है जिसमें केंद्र सरकार ने 18 साल से ऊपर सभी लोगों को टीकाकरण कवर देने की बात कही है।
राज्य सरकार करेगी खर्च वहन
18 साल से 45 साल के आयु वर्ग के टीकाकरण में सारा खर्च राज्य सरकार को ही वहन करना है। टीका निर्माता कंपनी को भुगतान किस प्रकार किया जाना है इस पर अभी वित्त मंत्रालय और स्वास्थ्य विभाग का मंथन जारी है। अधिकारियों की बात माने तो टिके की आपूर्ति के लिए राज्य सरकार टीका निर्माताओं को सीधे तौर पर भुगतान कर सकती है या फिर भारत सरकार के माध्यम से भी किया जा सकता है। इसी को लेकर राज्य सरकार 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण में आने वाले खर्चों का आकलन कर रही है।
स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जा रहा है 1 महीने का अतिरिक्त वेतन
18 से 45 साल के लोगों के वैक्सीनेशन की योजना काफी सराहनीय कहीं जा रही है। एक अनुमान के अनुसार यह संख्या करीब 6 करोड़ के आसपास रहेगी। वैक्सीनेशन की 2 डोज़ के लिए प्रति व्यक्ति ₹800 राज्य सरकार को देने होंगे। इससे लगभग 6 करोड लोगों को वैक्सीनेशन करने में 4800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बिहार में पहले ही अतिरिक्त संसाधनों की वजह से राजस्व में काफी कमी और केंद्रीय स्थानतरण के कारण आर्थिक दबाव बना हुआ। इतना ही नहीं है बिहार के सभी स्वास्थ्य कर्मियों को 1 महीने का अतिरिक्त वेतन देने के लिए और भी फंड की आवश्यकता होगी। ऐसे में राज्य सरकार पहले ही आर्थिक रूप से दब गई है अब वैक्सीनेशन की घोषणा के बाद यह पहल काफी सराहनीय मानी जा रही है।