अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में बीते कुछ समय से पेट्रोल और डीजल के दामों (Petrol-Diesel Price Today) में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में भारत भी पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों की मार से अछूता नहीं है। महंगाई पर पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol-Diesel Rate) की बढ़ती कीमतों की मार झेल रहे भारत के लोग इंधन के नए विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे में शनिवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि पुणे में 100% इथेनॉल (Ethanol Blended Petrol) पर स्कूटर-ऑटो शुरू करने के लिए बजाज से चर्चा चल रही है। इस कड़ी में भारत सरकार ने भी इथेनॉल को लेकर एक डाटा जारी किया है, जिसमें यह बताया गया है कि देश ने तय समय से 5 महीने पहले 10 फ़ीसदी एथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blended Petrol Details) का लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारत सरकार की इस उपलब्धि को लेकर अब यह जानना जरूरी है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल क्या होता है और यह हमारे वाहनों के लिए कितना फायदेमंद और कितना नुकसान दायक है। ऐसे में आइए आपकी इस जिज्ञासा से जुड़े सवालों के जवाब हम आपको सटीक शब्दों में देते हैं।
क्या होता है इथेनॉल मिश्रित ऑयल?
पेट्रोलडीजल के विकल्प के तौर पर इन दिनों इथेनॉल का नाम खासा चर्चाओं में छाया हुआ है। जैविक योगिक इथाइल एल्कोहल इथेनॉल कहलाता है। खास बात यह है कि इसका इस्तेमाल शराब जैसे पेय पदार्थों को बनाने के लिए किया जाता है। वहीं इंधन के तौर पर सिर्फ इथेनॉल का इस्तेमाल वाहनों में किया जाता है, लेकिन यहां एक बात ध्यान करने वाली है कि इथेनॉल का इस्तेमाल वाहनों में करने के लिए वाहनों के कुलपुर्जों में बदलाव करने की जरूरत है।
वाहनों के कुलपुर्जों में बदलाव के कारण ही फिलहाल एथेनॉल का इस्तेमाल पेट्रोल के साथ मिलाकर वाहनों के लिए किया जा रहा है। शुरुआत में एक या दो प्रतिशत इथेनॉल मिलाया गया था, लेकिन अब पेट्रोल में 5 से 10% तक इथेनॉल मिलाया जाता है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस मामले में जानकारी साझा करते हुए सोमवार को बताया था कि अप्रैल 2023 से पहले देश के चुनिंदा पेट्रोल पंप पर 20% मिश्रित इथेनॉल पेट्रोल पंप की बिक्री शुरू हो जाएगी।
इथेनॉल में क्षेत्र पेट्रोल का आपके वाहन पर क्या होगा असर
रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों पर किसी तरह का कोई भी बुरा असर देखने को नहीं मिला है। इथेनॉल में ऑक्सीजन होता है जिससे इंधन को पूरी तरह से जलने में मदद मिलती है। इसके अलावा इथेनॉल को पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर इंधन भी माना जाता है।
वहीं इस मामले पर भारत सरकार की ओर से जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि- भारत दुनिया में इथेनॉल का पांचवा सबसे बड़ा उत्पादक है। पहले नंबर पर इस लिस्ट में इसमें अमेरिका का नाम शामिल है। वहीं दूसरे पर ब्राजील तीसरे पर यूरोपीय संघ और चौथे पर चीन का नाम दर्ज है।
बता दे पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के लक्ष्य को पिछले 5 महीने पहले ही शुरु किया गया था। भारत सरकार ने इथेलॉल के इस्तेमाल से 41,500 करोड रुपए से अधिक की विदेशी मुद्रा को इस समय सीमा में बचत किया है। साथ ही इससे ग्रीन हाउस उत्सर्जन में भी 27 लाख टन की कमी दर्ज की गई है।