driving license: 29 घंटे के कोर्स के बाद दिया जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस, जाने नया नियम

Written by: Priyanshu Rana | biharivoice.com • 21 जून 2022, 2:50 अपराह्न

driving license new rule: अगर आपके मन में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या फिर रिन्यू करवाने का ख्याल आ रहा है तो सरकार आप को बड़ी राहत देने जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियमों में फेरबदल किया गया है। इसका लाभ आम नागरिकों को मिलना निश्चित है। नया नियम लागू हो जाने के बाद रद्द ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आम नागरिकों को आरटीओ कार्यालय का चक्कर काटने से छुट्टी मिल जाएगी। पहले से बनाए गए ड्राइविंग लाइसेंस के नियमावली में केंद्र सरकार ने बदलाव किया है।

नहीं देना होगा ड्राइविंग टेस्ट 

बता दें कि नए नियम के तहत आपको लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन दफ्तर का कार्यालय जाकर ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से नए नियमों को एक जुलाई 2022 से लागू कर दिया जाएगा। नया नियम लागू हो जाने के पश्चात ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का इंतजार कर रहे करोड़ों आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। नियमावली लागू हो जाने के पश्चात ड्राइविंग लाइसेंस के लिए किसी भी संबद्ध ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। यहां से ट्रेनिंग लेने के बाद फिर टेस्ट क्लियर करना होगा। टेस्ट क्लियर करने वालों को स्कूल के द्वारा सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। आपका ड्राइविंग लाइसेंस इसी सर्टिफिकेट के आधार पर बनेगा।

करना होगा 29 घंटे का कोर्स 

मंत्रालय की ओर से जारी किए गए गाइडलाइन में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए शिक्षण पाठ्यक्रम बनाया गया है। इसे दो ग्रुप थ्योरी और प्रैक्टिकल में बांटा गया है। लाइट मोटर गाड़ियों के लिए 4 हफ्ते का कोर्स है जो कि 29 घंटे चलेगा। प्रैक्टिकल के लिए लोगों को शहर की सड़क, पार्किंग, रिवर्सिंग या गांव के सड़क के लिए 21 घंटे समय देने होंगे। जबकि बाकी 8 घंटे थ्योरी पढ़ाई जाएगी। केंद्र सरकार के गाइडलाइन के अनुसार दोपहिया, हल्के मोटर व्हीकल या तीन पहिया गाड़ियों के ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के लिए कम से कम एक एकड़ जमीन होना जरूरी है। ट्रेनर कम से कम इंटर पास होना चाहिए और ड्राइविंग का अनुभव कम से कम 5 साल का होना जरूरी है। ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट पर बायोमैट्रिक सिस्टम होना जरूरी है।

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