इस राज्य मे कोरोना ने फिर मचाया तांडव, एक दिन मे मिले 24 हजार से ज्यादा मामले

Written by: Manish Kumar | biharivoice.com • 26 अगस्त 2021, 4:05 अपराह्न

कोरोना महामारी से केरल में एक बार फिर त्राहिमाम की स्थिति होने लगी है। पिछले तीन महीनों के आकड़ों पर गौर करें तो पहली बार एक दिन में कोरोना के 31 हजार (31,445) से अधिक केस मिले हैं। राज्य में संक्रमण के हालात तेजी से खराब होते जा रहे हैं, संक्रमण की दर भी बढ़कर 19.03 फीसदी हो गई है। बुधवार को कोरोना संक्रमण के जो मामले दर्ज किए गए, वह तीन बीते दिनों दर्ज किए गए कोरोना के मामलों की तुलना मे 7 हजार अधिक है। इससे पहले केरल में एक दिन में कोरोना के 24,296 नए मामले देखने को मिले थे। वहीं, पूरे देश में 24 घंटों में कोरोना वायरस के 46,164 नए मामले दर्ज किए गए हैं और 607 कोरोना मरीजों की मौत भी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी किए गए आंकड़ो के मुताबिक कोरोना संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 215 और लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद मृत्यु का आंकड़ा बढ़कर 19,972 हो गया है। जानकारी के मुताबिक केरल के एर्नाकुलम जिले में कोरोना के सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए हैं। यहाँ कोरोना संक्रमण के 4048 मामले दर्ज किए गए हैं, इसके बाद त्रिशूर में 3865, कोझीकोड में 3680, मलप्पुरम में 3502, पलक्कड़ में 2562, कोल्लम में 2479, कोट्टायम में 2050, कन्नूर में 1930, अलाप्पुझा में 1874, तिरुवनंतपुरम में 1700, इडुक्की में 1166, पठानमथिट्टा में 1008, वायनाड में 962 और कासरगोड में 619 कोरोना के मामले मिले हैं।

हर पांचवे आदमी को कोरोना

केरल के स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, कोरोना टेस्ट के लिए जितने भी नमूनों की जांच की जा रही है, उनमें से हर पांचवे व्यक्ति मे कोरोना का संक्रमण देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों द्वारा पहले ही इस बात का अनुमान जताया गया था कि ओणम महोत्सव के बाद संक्रमण में अक्स्मात ही काफी वृद्धि हो सकती है, यह अनुमान अब सच साबित होने लगा है। गौरतलब है कि इससे पूर्व जुलाई में भी बकरीद के मौके पर पाबंदियों में ढील दी गई थी, जिसका नतीजा यह हुआ था कि वहाँ अचानक से कोरोना के मामले ब़़ढ गए थे और यह आकड़ा 20 हजार को पार कर गया था।

केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन मे कहा….

राज्य में कोरोना से बिगड़ रहे हालात पर केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन का कहना है कि राज्य मे संक्रमण स्थिति गंभीर है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे समय मे संक्रमण के रफ्तार को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करने के बजाय, राजनीतिक उद्देश्यों को साधने के लिए महामारी का इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि “मैं राज्य सरकार से आइसीएमआर दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह करता हूं।” केरल का होम क्वारंटाइन (योजना) पर बोलते हुए उन्होने कहा यह बुरी तरह विफल रहा है।

इस वजह से हुआ कोरोना का प्रसार

सफदरजंग मेडिकल कालेज में कम्‍यूनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डाक्‍टर जुगल किशोर का कहते इस पूरी स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केरल ने कोरोना की पहली लहर के दौरान जबरदस्‍त तैयारी की थी। जिसका असर भी देखने को मिला था, और तब वहां पर कम मामले पाए गए थे। महामारी की दूसरी लहर में भी ऐसा ही रहा और काफी हद तक केरल में रोकथाम हुई।

इस दौरान विदेशों में रह रहे भारतीयों द्वारा बड़ी संख्या मे केरल में वापसी की गई जिसकी वजह से संक्रमण का प्रसार हुआ। इस दौरान वैक्सीनेशन पर भी कम ध्यान दिया गया जिसकी वजह से भी संक्रमण का फैलाव हुआ। डाक्‍टर जुगल का मानना है कि जब तक केरल की बड़ी आबादी को वैक्‍सीनेट नहीं कर दिया जाता, तब तक केरल में कोरोना संक्रमण की गति धीमी नहीं होगी, वैक्‍सीनेशन की रफ्तार को बढ़ानी एकमात्र् उपाय है।

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Manish Kumar

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